रायपुर। कांग्रेस में अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। महासमुंद के घमासान के बाद अब मुंगेली से भी विवाद की आवाजें सामने आई हैं। नेताओं के बीच फोन पर गाली-गलौज और तीखी बहस ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बैठक में एकता का संदेश, लेकिन अंदरूनी खींचतान बरकरार
डैमेज कंट्रोल के लिए कांग्रेस ने बड़ी बैठक बुलाई, जिसमें सभी जिलों के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। मंच से एकजुटता का संदेश दिया गया, लेकिन अंदरखाने जारी गुटबाजी ने उस संदेश को कमजोर कर दिया।
बीजेपी ने साधा निशाना, केदार कश्यप का तंज
इस मौके पर बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पहले अपने घर की लड़ाई सुलझाए, फिर जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतरे। उन्होंने कहा कि “सवा दो साल से कोशिश कर रहे हैं, उन्हें शुभकामनाएं।”
बीजेपी में भी बयानबाजी से हलचल, विपक्ष का पलटवार
दूसरी ओर बीजेपी में भी बयानबाजी चर्चा में है। अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू के बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस ने सड़क चौड़ीकरण जैसे मुद्दों पर बीजेपी नेताओं के विरोध को भी उनकी अंदरूनी खींचतान से जोड़ा।
दीपक बैज का जवाब—“बीजेपी में खुलेआम झगड़े”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी में झगड़े खुलेआम होते हैं और अपने ही कार्यकर्ताओं को गद्दार कहा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि केदार कश्यप को बृजमोहन अग्रवाल से सलाह लेनी चाहिए।
सियासी संग्राम तेज, आगे क्या होगा?
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की अंदरूनी जंग जारी है, वहीं बीजेपी लगातार हमलावर है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है। अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस पहले अपनी आंतरिक लड़ाई सुलझाती है या बीजेपी के हमलों का प्रभावी जवाब दे पाती है।