रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के अधिकांश जिलों में तेज बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि प्रदेश के 100 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कई गांव चारों ओर पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गए हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चला रही हैं।
बीजापुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
लगातार बारिश का सबसे अधिक असर बीजापुर जिले में देखने को मिला है। यहां 70 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर खेत, सड़कें और पुल-पुलिया जलमग्न हो गए हैं।भोपालपटनम क्षेत्र में बहने वाली इंद्रावती नदी खतरे के निशान से लगभग 3.10 मीटर ऊपर बह रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं जगदलपुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पुराने पुल पर पानी चेतावनी स्तर को पार कर चुका है।
महाराष्ट्र और तेलंगाना से सड़क संपर्क टूटा
बाढ़ की वजह से भोपालपटनम का महाराष्ट्र और तेलंगाना से जुड़ने वाला सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे यातायात ठप हो गया है।
गंगालूर, बासागुड़ा, मिरतुर, कुटरु और भोपालपटनम क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी सड़कें जलमग्न होने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी कई गांवों में बाधित होने लगी है।
नारायणपुर में पुलिस वाहन फंसा, ग्रामीणों का किया गया रेस्क्यू
बारिश के बीच नारायणपुर जिले के ब्रेहबेड़ा नाले में पुलिस की एक बोलेरो वाहन तेज बहाव में फंस गई। हालांकि समय रहते सभी पुलिसकर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।इसी तरह चिकपाल क्षेत्र में पानी से घिरे 16 ग्रामीणों को राहत एवं बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन लगातार संवेदनशील इलाकों में निगरानी रख रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
भूस्खलन के खतरे के चलते अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग 48 घंटे के लिए बंद
दंतेवाड़ा जिले में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग को अगले 48 घंटे के लिए बंद कर दिया है। अधिकारियों ने लोगों से इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की अपील की है।
जलाशय और बराज हुए लबालब
लगातार बारिश का असर प्रदेश के जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। राजनांदगांव जिले में प्रमुख बांध और बराज पानी से भर चुके हैं। सावन के पहले ही दिन मोंगरा बराज पहली बार ओवरफ्लो हो गया, जिसके बाद जलस्तर नियंत्रित करने के लिए उसके सात गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया।शिवनाथ नदी और उसकी सहायक नदियों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रिसोर्ट में फंसे 24 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बलौदाबाजार जिले में लगातार बारिश और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसका असर कसडोल क्षेत्र के बल्दाकछार स्थित एक निजी रिसोर्ट पर पड़ा, जो चारों ओर से बाढ़ के पानी में घिर गया।रिसोर्ट में मौजूद चार बच्चों सहित कुल 24 लोगों को राहत एवं बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
बीजापुर में झरने पर फंसे पर्यटकों का रेस्क्यू
बीजापुर जिले के प्रसिद्ध लंकापल्ली झरने पर घूमने गए सात पर्यटक अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण फंस गए। सूचना मिलने पर बचाव दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान एक प्रसूता महिला और उसके नवजात शिशु को सुरक्षित बाहर निकाला गया। देर रात तक अन्य लोगों को निकालने का अभियान जारी रहा।
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बारिश को देखते हुए बीजापुर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अगले दो दिनों तक सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया है। साथ ही लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।