रायपुर।छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 3 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून लौट चुका है, जबकि अगले 2 से 3 दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से इसकी वापसी होने की संभावना है। मानसून की विदाई के साथ ही प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश थमने लगी है और उमस व गर्मी का असर बढ़ गया है।
इस बार छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से करीब 5 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। हालांकि, जिलों के स्तर पर बारिश का वितरण असमान रहा। सरगुजा में सामान्य से 41 फीसदी कम, जबकि जशपुर और बेमेतरा में 36 फीसदी कम बारिश हुई।
पिछले साल के मुकाबले इस बार जल्दी विदाई
पिछले साल छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई अक्टूबर के मध्य के आसपास हुई थी। इस बार सितंबर से ही मानसून की वापसी के संकेत मिलने लगे थे।हालांकि, सितंबर के आखिरी सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। इस बारिश के बाद अब मानसून की वापसी शुरू हो गई है।
सीजन में 1194.9 मिमी बारिश, सामान्य से 5% ज्यादा
छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन की औसत बारिश 1141.2 मिमी है। इस बार प्रदेश में कुल 1194.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है।इस तरह पूरे मानसून सीजन में सामान्य से करीब 4.7 फीसदी यानी लगभग 5 फीसदी ज्यादा बारिश हुई।
शुरुआत में बारिश कमजोर रही, लेकिन जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ीं। जुलाई में सामान्य 375.5 मिमी के मुकाबले 494 मिमी बारिश हुई। अगस्त में सामान्य 364.2 मिमी की तुलना में 355.3 मिमी और सितंबर में सामान्य 208.9 मिमी के मुकाबले 279.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
9 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 33 जिलों में से 9 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इनमें सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायपुर, नारायणपुर, मुंगेली, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार और बलरामपुर शामिल हैं।वहीं कुछ जिलों में बारिश की कमी रही।
सरगुजा में 41%, जशपुर-बेमेतरा में 36% कम बारिश
मानसून सीजन में सरगुजा में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश हुई। वहीं जशपुर और बेमेतरा में सामान्य से 36 फीसदी कम पानी बरसा।प्रदेश के बाकी जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में रही।
जुलाई और सितंबर में खूब बरसे बादल
मानसून के दौरान जुलाई और सितंबर में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रही।
जुलाई: 494 मिमी बारिश, सामान्य के मुकाबले 132 फीसदी
अगस्त: 355.3 मिमी बारिश, सामान्य के मुकाबले 98 फीसदी
सितंबर: 279.3 मिमी बारिश, सामान्य से ज्यादा
शुरुआती दौर में कमजोर बारिश के बाद जुलाई में बारिश ने जोर पकड़ा। सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के कारण कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई।
दो बार बने बाढ़ जैसे हालात
इस मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में दो बार बाढ़ जैसे हालात बने। 31 जुलाई को भारी बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी थी।इसके बाद सितंबर के आखिरी सप्ताह में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। इस दौरान कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए और हजारों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा।राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात करनी पड़ीं। राजधानी रायपुर के कई इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी थी।
कोरबा में सबसे ज्यादा तापमान, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान कोरबा में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा।मानसून की वापसी के साथ बारिश कम होने से अब दिन में गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है।
अब मौसम रहेगा शुष्क, कोई अलर्ट नहीं
मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। 4 अक्टूबर को किसी भी जिले के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां और कम होने की संभावना है।
रायपुर में साफ रहेगा आसमान
राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।