New Delhi | भारत समेत इंडोनेशिया और म्यांमार में शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक कई स्थानों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के रिकॉर्ड के मुताबिक, त्रिपुरा के धलाई, मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर और म्यांमार में भूकंप दर्ज किए गए। रविवार सुबह इंडोनेशिया में भी भूकंप आया। NCS के ताजा reviewed डेटा के अनुसार, इंडोनेशिया में सुबह 5:07 बजे 5.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र जमीन से करीब 50 किलोमीटर नीचे था और लोकेशन अंडमान-निकोबार के कैंपबेल बे से करीब 293 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में दर्ज की गई। शुरुआती रिपोर्टों में इसकी तीव्रता 5.2 और गहराई 10 किलोमीटर बताई गई थी, जिसे बाद में NCS के reviewed रिकॉर्ड में अपडेट किया गया है।
म्यांमार में 4.6 तीव्रता का भूकंप
इससे पहले शनिवार रात 11:42 बजे म्यांमार में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। NCS के मुताबिक इसकी गहराई 120 किलोमीटर थी। इसका केंद्र मिजोरम के थेंज़ॉल से करीब 274 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में दर्ज किया गया।
त्रिपुरा और मध्य प्रदेश में भी हिली धरती
भारत में भी रात के दौरान भूकंप के झटके दर्ज किए गए। त्रिपुरा के धलाई में रात 12:57 बजे 3.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई 30 किलोमीटर दर्ज की गई। इसके कुछ देर बाद मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में रात 1:16 बजे 2.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। NCS के अनुसार इसकी गहराई सिर्फ 6 किलोमीटर थी। NCS के रिकॉर्ड में इसी अवधि में महाराष्ट्र के हिंगोली और अन्य इलाकों में भी हल्के भूकंपीय झटके दर्ज किए गए हैं।
फिलहाल बड़े नुकसान की जानकारी नहीं
उपलब्ध भूकंप रिकॉर्ड में इन घटनाओं की पुष्टि हुई है। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार भारत में दर्ज इन हल्के झटकों से बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रखती हैं। इंडोनेशिया में भूकंप की तीव्रता को लेकर स्थानीय एजेंसी और NCS के आंकड़ों में अंतर हो सकता है, इसलिए आधिकारिक अपडेट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भूकंप के दौरान क्या करें?
- भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराने के बजाय सुरक्षा के लिए तुरंत सावधानी बरतना जरूरी है।
- घर या ऑफिस के अंदर हैं तो मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे शरण लें।
- सिर और गर्दन को हाथों से ढककर रखें।
- खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूर रहें।
- भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
- बाहर हैं तो इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें।
- वाहन चला रहे हैं तो सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोककर झटके खत्म होने तक अंदर रहें।
- भूकंप के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में दोबारा प्रवेश न करें।
- अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक एजेंसियों के अपडेट पर ध्यान दें।