Bastar | छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों के पुनर्वास और उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विशेष महाअभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जगदलपुर और दंतेवाड़ा में दिव्यांग शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में दिव्यांगजनों के साथ-साथ IED विस्फोटों से प्रभावित लोगों को भी कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराकर उनके पुनर्वास में सहायता करना है।
5 से 7 अक्टूबर तक जगदलपुर में शिविर
पहला विशेष शिविर 5 से 7 अक्टूबर तक जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा। यहां अब तक 2,953 हितग्राहियों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। शिविर के दौरान विशेषज्ञों की टीम हितग्राहियों की जरूरत का आकलन करेगी और उसके आधार पर उपकरण वितरित किए जाएंगे।
दंतेवाड़ा में 846 हितग्राहियों को मिलेगा लाभ
दूसरा शिविर 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा में लगाया जाएगा। यहां 846 हितग्राहियों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिह्नित किया गया है। दंतेवाड़ा में विशेष रूप से IED विस्फोटों से प्रभावित लोगों और दिव्यांगजनों के पुनर्वास पर ध्यान दिया जाएगा।
जयपुर की विशेषज्ञ टीम करेगी कृत्रिम अंगों का वितरण
अभियान के तहत कृत्रिम अंग तैयार करने और उनके वितरण के लिए जयपुर की विशेषज्ञ टीम शिविरों में पहुंचेगी। टीम हितग्राहियों की जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग करेगी। इससे बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
पुनर्वास के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर
इस महाअभियान का उद्देश्य केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है। कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों को रोजमर्रा के काम करने में सुविधा मिल सकती है और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को गति मिल सकती है। जगदलपुर और दंतेवाड़ा में आयोजित होने वाले इन शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में चिह्नित हितग्राहियों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ सहायता और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की योजना है।