रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित पं दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पंचायत पदाधिकारियों का बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए और पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
सम्मेलन में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री टंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित रायपुर जिले के कई विधायक और प्रदेशभर से आए पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
“पंचायत से शुरू हुआ मेरा सफर” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन की शुरुआत राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाओं से की। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन पंचायत से शुरू हुआ था।
“मैं 5 साल पंच रहा, फिर निर्विरोध सरपंच बना, विधायक और सांसद भी रहा, मंत्री के रूप में काम किया और आज आपके सामने मुख्यमंत्री के रूप में हूं।”
उन्होंने पंचायतों को लोकतंत्र की पहली सीढ़ी बताते हुए कहा कि अगर पंचायत स्तर पर अच्छा काम होगा, तो सफलता निश्चित है।
पंचायतों में बढ़ रही भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन वास्तविक भागीदारी 57 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताया।
साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष को “महतारी गौरव वर्ष” घोषित किया है और महिलाओं के सम्मान व सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
“गांव विकसित होगा तो देश विकसित होगा”
सीएम साय ने कहा कि भारत गांवों का देश है और यहां 6 लाख से अधिक गांव हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा—
“जब गांव विकसित होंगे, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। हमें विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से काम करना होगा।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दिए सुझाव
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा—
- गांवों में आय के नए स्रोत विकसित करने होंगे
- पानी की समस्या आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौती होगी
- जल संरक्षण और रिचार्ज पर काम जरूरी
- खाली जमीनों पर वृक्षारोपण बढ़ाना होगा
- स्कूलों की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रोकना जरूरी
- ग्रामीण विकास पर फोकस
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस सम्मेलन को पंचायत सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।