रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) की वर्ष 2023 में आयोजित सहायक अभियंता (AE) और कनिष्ठ अभियंता (JE) भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के एक फैसले के चलते बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं। वर्तमान में JE के करीब 43 पद रिक्त होने के बावजूद वेटिंग लिस्ट जारी नहीं किए जाने से चयनित और पात्र युवाओं में नाराजगी है।
एक ही रोल नंबर से AE और JE की परीक्षा
अभ्यर्थियों के अनुसार, इलेक्ट्रिकल विंग में सहायक अभियंता के 52 पद और कनिष्ठ अभियंता के करीब 346 पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2023 में परीक्षा आयोजित की गई थी। अभ्यर्थियों को AE और JE दोनों परीक्षाओं के लिए एक ही रोल नंबर आवंटित किया गया था और दोनों परीक्षाएं अलग-अलग पालियों में आयोजित हुई थीं।
JE का परिणाम पहले जारी होने से बनी स्थिति
अभ्यर्थियों का कहना है कि AE अपेक्षाकृत उच्च पद होने के कारण भर्ती प्रक्रिया के क्रम को देखते हुए उसका परिणाम और नियुक्ति पहले होने की उम्मीद थी। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने पहले JE का परिणाम जारी कर जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद कई ऐसे अभ्यर्थी सामने आए, जिनका चयन JE के साथ-साथ AE पद के लिए भी हो गया।
पहले 10 पद खाली हुए, अब संख्या बढ़कर 43 हुई
JE भर्ती में शुरुआत में करीब 10 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति नहीं ली। अभ्यर्थियों के मुताबिक, इस स्थिति में पहली वेटिंग लिस्ट जारी की जानी थी, लेकिन उन्हें बताया गया कि AE का परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाली होने वाले पदों को भी जोड़कर एक साथ बड़ी वेटिंग लिस्ट जारी की जाएगी।
अब AE का परिणाम और जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद JE के करीब 33 पद और रिक्त हो गए हैं। इस तरह वर्तमान में कुल करीब 43 JE पद खाली बताए जा रहे हैं।
वेटिंग लिस्ट मौजूद, फिर भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी
अभ्यर्थियों का आरोप है कि विभाग के पास पात्र उम्मीदवारों की वेटिंग लिस्ट उपलब्ध होने के बावजूद रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है। उनका कहना है कि लंबे समय से इंतजार कर रहे योग्य अभ्यर्थियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है कि फाइल प्रक्रिया में देरी के कारण रिक्त पदों पर नियुक्ति का इंतजार कर रहे युवाओं का भविष्य अधर में है।
उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग
पीड़ित अभ्यर्थियों ने शासन स्तर पर मामले की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि 2023 की भर्ती प्रक्रिया में रिक्त हुए पदों और उपलब्ध वेटिंग लिस्ट की स्थिति की जांच कर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब कर JE की लंबित वेटिंग लिस्ट जल्द जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनके अधिकार का लाभ मिल सके।
43 रिक्त पदों पर अब फैसले का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल करीब 43 रिक्त JE पदों को लेकर है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि शासन और विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा के बाद लंबित भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। अब देखना होगा कि रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।