एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। आपको बता दें कि, बीते दिनों परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के घर 54 किलो सोना समेत करोड़ों रुपए पकड़े जाने मामले में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने टिप्पणी की थी।
दिग्विजय-गोविंद के बीच जुबानी जंग जारी
परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा था कि, जब कमलनाथ जी की सरकार बनी थी तब इतना दबाव था कि, परिवहन और राजस्व विभाग गोविंद सिंह राजपूत को दिया जाए।
क्यों था इतना दबाव ?
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि, अब क्यों था इतना दबाव ? यह तो सिंधिया जी बताएंगे या और कोई बताएगा, लेकिन दबाव जरूर था। कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि, परिवहन और राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का बहुत माहौल रहता है। इसलिए कमलनाथ ने एक बोर्ड गठित कर दिया था। बोर्ड ही फैसला करेगा किसकी पोस्टिंग कहां होगी ?
दबाव डालकर बोर्ड भंग करवा दिया
एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि, जैसे ही शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री फिर से बने तो, मेरी जो जानकारी है सिंधिया जी ने दबाव डालकर बोर्ड भंग करवा दिया। उन्होंने आगे कहा कि, पूरा अधिकार परिवहन मंत्री तत्कालीन गोविंद सिंह राजपूत को सौंप दिया और उसके बाद एक नई प्रक्रिया शुरू हो गई। कांग्रेस नेता ने कहा कि, इसके बाद ठेका प्रणाली शुरू हो गई, इस नाके की बोली उसे नाके की बोली।
जांच एजेंसी कर रही अपना काम
वहीं, मंगलवार को दिए गए कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि, बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी, मैं इतना ही कहना चाहता हूं। एक फिल्म के डायलॉग हैं, जिसके घर शीशे के होते हैं। वह दूसरे के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। गोविंद सिंह राजपूत ने इस दौरान आरोप का जवाब देते हुए कहा कि, जांच एजेंसी अपना काम कर रही हैं।
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