महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती पर संसद परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने पुष्प अर्पित किए।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा के नेता जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई सांसदों ने भी श्रद्धांजलि दी।
समाज सुधार के अग्रदूत
ज्योतिराव फुले 19वीं सदी के प्रमुख समाज सुधारक थे। उन्होंने महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा को बढ़ावा दिया और सामाजिक समानता के लिए “सत्यशोधक समाज” की स्थापना की।
राष्ट्रपति और नेताओं के विचार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि फुले ने अपना जीवन वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित किया और समावेशी समाज की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उनके कार्यों को न्यायपूर्ण समाज की नींव बताया।
नेताओं ने किया सम्मान
राहुल गांधी ने उन्हें सामाजिक न्याय का मार्गदर्शक बताया, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा ने उन्हें सामाजिक क्रांति का अग्रदूत कहा।
आज भी प्रासंगिक हैं विचार
नेताओं ने कहा कि ज्योतिराव फुले के विचार आज भी समाज को समानता, शिक्षा और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।