रायपुर। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान सनातन धर्म, शिक्षा, धर्मांतरण, मंदिरों के प्रबंधन, गौ संरक्षण और युवाओं की दिशा जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और आने वाली पीढ़ी को भारतीय ग्रंथों का ज्ञान देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
"सनातन का प्रचार पूरे देश में कर रहे हैं"
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं बल्कि जीवन जीने की पद्धति है। उन्होंने कहा कि देशभर में सनातन के प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है, ताकि समाज अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ा रहे।
"कथाकार, कलाकार और पत्रकार सत्य बोलें तो समाज का उत्थान होगा"
उन्होंने कहा कि कथाकार, कलाकार और पत्रकार को "सत्यम, शिवम, सुंदरम" की तरह समझना चाहिए। यदि ये तीनों वर्ग केवल सत्य का साथ दें और वही प्रस्तुत करें जो सही हो, तो समाज का उत्थान निश्चित रूप से होगा।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज जो व्यक्ति सत्य बोलता है, उसे अक्सर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है।
"युवा गलत दिशा में जा रहा है, गीता पढ़ेगा तो सनातन फिर जवान होगा"
युवाओं को लेकर चिंता जताते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आज का युवा भटकाव की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही धार्मिक ग्रंथों और भारतीय संस्कृति का ज्ञान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि भारत का युवा भगवद्गीता पढ़ने लगे, तो सनातन धर्म फिर से मजबूत और युवा हो जाएगा।
"सनातन बोर्ड के गठन की जरूरत"
प्रेसवार्ता में उन्होंने मंदिरों के प्रबंधन को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मंदिरों की संपत्ति और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सनातन बोर्ड का गठन होना चाहिए।
उनका कहना था कि इस बोर्ड के माध्यम से मंदिरों के धन का उपयोग गुरुकुलों, गौशालाओं और धार्मिक शिक्षा के विकास में किया जा सकता है, जिससे आने वाली पीढ़ी सुरक्षित और संस्कारवान बने।
मदरसों और गुरुकुलों की फंडिंग पर उठाए सवाल
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सरकारें मदरसों को आर्थिक सहायता देती हैं, जबकि गुरुकुलों और मंदिरों को पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा के संरक्षण के लिए गुरुकुलों को भी समान महत्व मिलना चाहिए।
धर्मांतरण पर क्या बोले?
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि सच्चा धर्म अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कार्य नहीं करता। उन्होंने दावा किया कि हिंदू समाज कभी किसी को अपने धर्म में जोड़ने के लिए नहीं गया, जबकि अन्य माध्यमों से धर्मांतरण के प्रयास किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं को सृष्टि का रचयिता बताया है और उनके अनुसार सनातन धर्म मानवता के लिए मार्गदर्शक है।
गौ संरक्षण और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी रखी बात
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि देश में आज भी गौमाता सड़कों पर घूमती नजर आती हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने गौ संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की आवश्यकता बताई।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्ति निजी अस्पतालों में महंगा इलाज नहीं करा सकता, इसलिए आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत है।
"सनातन नशामुक्त जीवन का संदेश देता है"
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म नशे का विरोध करता है। उनके अनुसार सनातन का संदेश है कि व्यक्ति शराब और अन्य नशे से दूर रहे, झूठ न बोले, मांसाहार से बचे और सत्य के मार्ग पर चले। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है, वही वास्तव में धार्मिक है।
राम मंदिर चोरी मामले में पीएम मोदी के मौन पर टिप्पणी
राम मंदिर में कथित चोरी के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौन को लेकर पूछे गए सवाल पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि यदि प्रधानमंत्री मौन हैं, तो संभव है कि वह किसी बड़े कदम की तैयारी कर रहे हों। उन्होंने कहा कि "मोदी जी मौन हैं तो कुछ बड़ा करने वाले हैं, ऐसा मेरा मानना है।"