धार स्थित भोजशाला में इस साल भी बसंत पंचमी को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। क्योंकि बसंत पंचमी इस बार शुक्रवार को पड़ रही है, प्रशासन पूजा और नमाज के समन्वय को लेकर अलर्ट मोड में है। हिंदू संगठनों ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा का आह्वान किया है, जिसके चलते 8,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एएसआई के सर्वे और आदेश का पालन होना चाहिए। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बसंत पंचमी और शुक्रवार की नमाज़ जब एक साथ पड़ती है, तो पूजा सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और नमाज़ के बाद 3:30 बजे तक की जा सकती है। दोपहर 1 से 3 बजे का समय नमाज़ के लिए सुरक्षित रखा गया है।
एएसआई के आदेश का पालन हो
दिग्विजय सिंह ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि एएसआई के आदेश का पालन हो और धार में अमन और सौहार्द बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने सभी हिंदू और मुस्लिम भाइयों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की। धार में सुरक्षा के कारण अलर्ट जारी किया गया है और भोजशाला के आसपास पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने बनवाया था
धार का भोजशाला विवाद लगभग 700 साल पुराना है। हिंदू पक्ष इसे वाग्देवी मंदिर बताता है, जिसे 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने बनवाया था, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है और 13वीं–14वीं शताब्दी का दावा करता है। दोनों पक्षों के बीच विवाद लंबित है और मामला कोर्ट में चल रहा है। एएसआई ने पूजा और नमाज़ के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किए हैं, लेकिन जब बसंत पंचमी शुक्रवार को आती है, तो प्रशासन विशेष सतर्क रहता है।
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