खंडवा जिले के छैगांवमाखन ब्लॉक के ग्राम कोंडावत में गणगौर पर्व का उत्साह उस समय मातम में बदल गया। करीब 150 साल पुराने सार्वजनिक कुएं में जवारे विसर्जन के लिए सफाई के लिए कूदे ग्रामीण मौत का शिकार हो गए। मौत के इस कुएं ने एक-एक कर 8 लोगों को आगोश में ले लिया। कुएं में मौजूद जहरीली गैस के कारण लोगों का दम घुट गया।
सूचना मिलते ही मौके पर कलेक्टर, एसपी सहित पूरा प्रशासनिक व पुलिस अमला मौके पर पहुंचा। कुएं में गैस का प्रभाव कम करने के लिए पानी निकाले जाने के बाद रेस्क्यू टीम एसडीआरएफ के जवानों ने कूदकर लोगों के शव बाहर निकाले। शवों के बाहर निकलते ही गांव में चीख.पुकार मच गई।
एक-दूसरे को बचाने के लिए 8 लोग उतरे
गांव के ही सार्वजनिक कुएं में जवारों का विसर्जन हर साल किया जाता है। जवारे विसर्जित करने से पूर्व सफाई व्यवस्था के लिए गांव के कुनबी समाज के लोग इस कुएं में उतरे, लेकिन वे वापस नहीं आए। अचेत होने लगे, तो इन्हें बचाने के लिए कुछ लोग और कुएं में उतर गए। एक के बाद एक आठ लोग कुएं में कूदे, लेकिन ये वापस नहीं लौट पाए। इसके बाद कोई भी कुएं में उतरने की हिम्मत नहीं दिखा पाया।
कुएं के आसपास ग्रामीणों की भीड़ लग गई। कुएं में अचेत हो चुके लोगों के परिजन आवाज देते रहे, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। चीख पुकार मचने लगी। कुएं के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई।
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