भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इलेक्शन मेनिफेस्टो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुस्लिम लीग का घोषणा पत्र बताए जाने के बाद राजनीति गर्मा गई है। बीजेपी की दूसरी पंक्ति के नेता भी घोषणा पत्र के बहाने कांग्रेस पर निशाना साध रहे है। अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर तंज करते हुए कहा कि ये खुद के टूटे सपनों और पुराने अधूरे वादों के अवशेष समेटे, केवल एक प्रक्रिया को निपटाने के लिए तैयार किया गया हताशा पत्र है।
घोषणा पत्र अपने आप में एक अजूबा है
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, कांग्रेस का घोषणा पत्र अपने आप में एक अजूबा है। इसका विकसित भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने से कोई लेना देना नहीं है, बल्कि ये बस उनके खुद के टूटे सपनों और पुराने अधूरे वादों के अवशेष समेटे, केवल एक प्रक्रिया को निपटाने के लिए तैयार किया गया हताशा पत्र है। शायद उनके नेता भी ये समझते हैं कि इस पत्र में लिखी बातें ना कभी पूरी हो पाएंगी और ना ही ये आने वाले युग के लिए है।
कांग्रेस ने महिलाओं के साथ अन्याय किया
इसके पूर्व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कांग्रेस की घोषणा पत्र पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अन्याय के पहाड़ पर बैठी हुई है। किसान, मजदूर, युवा, सबके साथ इन्होंने अन्याय किया है। ऐसे में उनके मुंह पर न्याय शब्द शोभा नहीं देता है। इस लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने महिलाओं के साथ अन्याय किया। मध्य प्रदेश में एक जगह कांग्रेस से महिला लड़ रही है जबकि ठीक इसके उलट प्रदेश में बीजेपी की 6 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं।
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