मध्य प्रदेश में साल के अंत में मौसम ने अपना मिजाज बदल दिया है।आज यानी गुरुवार को उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। नए सिस्टम से 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर जिलों में कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, हवाओं का रुख दक्षिण-पूर्वी बने रहने की वजह से हवाओं के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। जिससे मध्य प्रदेश में कोहरा और कुहासा बना हुआ है। राजधानी भोपाल में सीजन का सबसे घना कोहरा छाया हुआ है।
बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। जिसके चलते 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर जिलों में कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं बारिश खत्म होने के बाद कंपकंपाने वाली ठंड का एक नया दौर शुरू हो सकता है।
पांच सबसे कम तापमान वाले शहर
नरसिंहपुर की रात सबसे ठंडी रही, यहां पारा 11.4 डिग्री दर्ज हुआ। छतरपुर, ग्वालियर में 11.5 डिग्री, पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 11.8 डिग्री, शिवपुरी/मंडला में 12.5 डिग्री और राजगढ़ में 12.6 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल 14 डिग्री, इंदौर 15.3, जबलपुर 13.5, ग्वालियर 11.5, उज्जैन 15.5 डिग्री न्यूनतम तामपान दर्ज हुआ है।
कोहरा और धुंध के कारण AQI लेवल बढ़ा
प्रदेश में कोहरे और धुंध के चलते विजिबिलिटी घटी और पॉल्युशन बढ़ी है। राजधानी भोपाल समेत मध्यप्रदेश के कई शहरों में AQI वेरी पुअर कैटिगिरी में है। भोपाल का AQI लेवल 300 के पार पहुंच गया है। शहर के ईदगाह हिल्स में 332, पर्यावरण परिसर 308, टीटी नगर में 332 AQI दर्ज हुआ। सागर में 361, देवास 356, इंदौर पीथमपुर 312, सिंगरौली में 318 AQI दर्ज किया गया है। वहीं पीएम 2.5 और पीएम 10 के कण धुंध के कारण ऊपर न जा पाने से प्रदूषण बढ़ा है।
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