मप्र कांग्रेस का आज विधिक विमर्श कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें पीसीसी चीफ कमलनाथ, राज्यसभा सांसद विवेक तंखा विशेष रूप से शामिल हुए। इनके अलावा नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, कांतिलाल भूरिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। बता दें कि, नए अधिवक्ताओं को 3 साल तक स्टाइफंड देने, अधिवक्ताओं के परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने, बुजुर्ग वकीलों के लिए पेंशन स्कीम,कोर्ट परिसरों में अधिवक्ताओं के चैंबर के बिजली बिल का भुगतान सरकार करे। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर अधिवक्ता कार्यक्रम हुआ।
यह मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है
वहीं विधिक विमर्श कार्यक्रम में पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि, आप संविधान के राक्षक हैं। उन्होंने कहा कि, विश्व में ऐसा कोई देश है जहां इतने धर्म, जातियां, भाषाएं, त्यौहार हो। संविधान गलत हाथों में न जाये। यह चुनौती है। आपको संकल्प लेना है कि, संस्कृति के रक्षक बनेंगे। कमलनाथ ने आगे अपने संबोधन में कहा कि, राज्य में 4 महीनें में चुनाव हैं। हर चुनाव के अलग-ल अलग मायने होते हैं।
यह मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है। सिर्फ उम्मीदवार और पार्टी का चुनाव नहीं है।
एमपी में भ्रष्ट्रचार की कोई सीमा नहीं है
राज्य की शिवराज सरकार पर हमला बोलते हुए एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि, मप्र में पैसे दो, काम लो, भ्रष्ट्रचार की कोई सीमा नहीं है। पंचायत से मंत्रालय तक करप्शन है। आज 1 करोड़ नौजवान बेरोजगार हैं। जनता का पेट भाजपा के झूठ और आश्वासनों से भर गया है। मैं 40 साल से चुनाव लड़ रहा हूं और जीत रहा हूं। जनता अब बहुत समझदार हो गयी है।
मैं सीएम था सौदा कर सकता था
विधिक विमर्श कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमलनाथ ने कहा कि, 15 महीने के लिए हमारी सरकार बनी थी। मैं सीएम था सौदा कर सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। पूरा प्रदेश गवाह है कि, किसानों का कर्ज माफ हुआ, बिजली का बिल 100 रुपये 100 यूनिट किया। गौ शाला बनाई। हमने 15 माह में नीति और नियत का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि, आप डायरी निकाल लीजिए कि, अगले 4 महीने में आप क्या करेंगे। आपकी जो मांगे हैं। सोसायटी की, हेल्थ पॉलिसी की, यह सही हैं। मुझे यह सब ध्यान रहेगा। मेरे ध्यान में कमी आये तो आप विवेक तन्खा जी के कपड़े फडीएगा। यह उनकी जिम्मेदारी है।
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