भाजपा की बैठक को लेकर सत्ता पक्ष की बात की जाए तो। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि, इसके पहले भाजपा की प्रदेश प्रभारी भी आई थी जिनके आने के बाद भी लगातार हंटर चलाने का कार्य हो रहा था। लेकिन अब तक भारतीय जनता पार्टी में एकता स्थापित नहीं हो पाई।
भाजपा की विश्वसनीयता जो छत्तीसगढ़ में अब समाप्त हो चुकी है
कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, भाजपा की विश्वसनीयता जो छत्तीसगढ़ में अब समाप्त हो चुकी है। उसे पुनः स्थापित करने के लिए कोई कार्य कर पाए। निश्चित तौर पर अजय जामवाल भी अब नए नए आए है। उन्हें भी नई जिम्मेदारी मिली है। लेकिन उनके द्वारा भी कुछ हासिल नहीं होन वाला है। क्योंकि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में आपसी सामंजस्य की कमी है।
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कांग्रेस भाजपा के इन प्रयासों को विफल करार कर रही है
फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय महामंत्री मिशन 2023 के लिए कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने छत्तीसगढ़ पहुंचे हुए हैं। लेकिन कांग्रेस भाजपा के इन प्रयासों को विफल करार कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि, छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर अब राष्ट्रीय नेतृत्व का विश्वास नहीं रहा। क्योंकि पार्टी के भीतर ही आपसी सामंजस्य की कमी है। फिलहाल देखने वाली बात होगी कि, आखिरकार आपसी सामंजस्य की कमी सत्ता पक्ष या विपक्ष दोनों में से किस में है और इसका दुष्प्रभाव 2023 चुनाव में किस पार्टी को भुगतना पड़ेगा?
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