नीट यूजी परीक्षा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में नीट परीक्षा में भाई-भतीजावाद तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय कमेटी से जांच की मांग की गई है। हाईकोर्ट के एक्टिव चीफ जस्टिस शील नागू तथा जस्टिस अमरनाथ केसरवानी ने दोनों याचिकाओं पर जुलाई के पहले सप्ताह में विस्तृत सुनवाई करने के आदेश जारी किए हैं।
याचिका में कहा गया था कि एम्स का कट ऑफ मार्क्स 717 है। एक संस्थान के छात्रों को उपकृत करने के लिए परीक्षा में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार किया गया है। याचिका में राहत चाही गई थी कि उच्च न्यायालय की निगरानी में उच्च स्तरीय कमेटी जांच करे तथा चयनित छात्रों को अस्थायी तौर पर दाखिला दिया जाए।
नीट यूजी परीक्षा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में नीट परीक्षा में भाई-भतीजावाद तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय कमेटी से जांच की मांग की गई है।
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