फ्रेंडशिप डे के अवसर पर नवकार नगर स्थित श्री मुनीसुव्रत स्वामी जिनालय में जैनजी ग्रुप के बच्चों द्वारा भगवान के साथ सच्ची मित्रता का संदेश देते हुए श्रद्धा एवं भक्ति के साथ स्नात्र पूजा एवं मंगल दीपक आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 100 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भगवान के प्रति अपनी आस्था और मित्रभाव प्रकट किया।
भगवान को सच्चा मित्र बनाने का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित परम पूज्य खरतरगच्छाचार्य श्री जिनपीयूषसूरिश्वरजी महाराज साहब के सुशिष्य परम पूज्य शाश्वत मुनिजी महाराज साहब ने प्रेरणादायी प्रवचन देते हुए कहा कि श्रेष्ठ व्यक्तियों की संगति से जीवन में उत्तम संस्कारों का संचार होता है। यदि बच्चे भगवान को अपना सच्चा मित्र बना लें, तो भगवान के अनंत गुण उनके जीवन में भी विकसित होने लगते हैं।
आदर्शों और सद्गुणों को अपनाने की प्रेरणा
मुनिश्री ने कहा कि भगवान से मित्रता का अर्थ उनके आदर्शों, सद्गुणों और जीवन मूल्यों को अपनाना है। ऐसे संस्कार बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करते हैं तथा उन्हें धार्मिक, नैतिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से उत्कृष्ट बनाते हैं। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से जिनालय आने, पूजा-आराधना करने और नवकार मंत्र के स्मरण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
बच्चों ने लिया धर्म और सदाचार पर चलने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने भगवान के श्रीचरणों में मंगलमय जीवन की प्रार्थना करते हुए यह संकल्प लिया कि वे सदैव धर्म, संस्कार और सदाचार के मार्ग पर चलते हुए भगवान के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे। यह आयोजन बच्चों और अभिभावकों के लिए प्रेरणादायी एवं संस्कारवर्धक साबित हुआ।
पुरस्कार वितरण से बढ़ाया उत्साह
बच्चों के प्रोत्साहन के लिए स्वर्गीय मूलचंद जी की स्मृति में संजय जी एवं संदीप जी कोटड़िया (मुंगेली) परिवार द्वारा पुरस्कार वितरित किए गए।
इन बच्चों ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में रितिका झाबक, परी कोचर, वर्षा कोठारी, श्रेया कोठारी, खुशी चोपड़ा, निशी चोपड़ा, भव्या लुनिया, महक लुनिया, आभास जैन, हार्दिक जैन, तनमय कानूगा, काशवी जैन, वनिशा जैन सहित अनेक बच्चों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर 100 से अधिक बच्चों को जोड़ते हुए भगवान से मित्रता के भाव के साथ सामूहिक स्नात्र पूजा एवं मंगल आरती संपन्न कराई।