दिल्ली के लाल किले पर सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन का आगाज हो गया है। शुभारंभ में उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, MP के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम डॉ. मोहन यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहीं।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत लंबे अंतराल के बाद एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। आर्थिक प्रगति, वैश्विक सराहना और मजबूत संस्थागत ढांचे के साथ देश अब सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ओर अग्रसर है। दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं है जिसकी सांस्कृतिक विरासत 5 हजार साल पुरानी हो। ऐसे में यह आवश्यक है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से आत्मबोध को सशक्त करें।
उपराष्ट्रपति ने सम्राट विक्रमादित्य को न्याय और संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि जिस आदर्श शासन की कल्पना उस युग में की गई थी, आज वह आधुनिक भारत की शासन-प्रणाली में मूर्त रूप ले रहा है।
उपराष्ट्रपति ने MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आपने दिल्ली के दिल पर असर छोड़ा है। आपकी सांस्कृतिक सोच और नाट्य प्रेम इस आयोजन में झलकता है। जल्द ही यमुना रिवर फ्रंट पर ऐसा ही आयोजन देखने को मिलेगा।
सीएम रेखा गुप्ता ने जताया सीएम डॉ.मोहन यादव का आभार
सीएम रेखा गुप्ता ने मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैं उनके प्रति धन्यवाद प्रकट करना चाहती हूं, जिन्होंने इतना भव्य आयोजन दिल्ली में किया और दिल्ली वासियों को समृद्ध भारतीय संस्कृति, उज्जैन की गुफाएं और सम्राट विक्रमादित्य जैसे गौरवशाली महानायक को नजदीक से जानने और देखने का अवसर दिया।
कार्यक्रम के दौरान MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस भव्य नाट्य मंचन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष शुभकामना संदेश भेजा है। सीएम डॉ.मोहन यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री जी ने न केवल इस सांस्कृतिक प्रयास की सराहना की है, बल्कि इसे भारत की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को जगाने वाला आयोजन बताया है। सीएम डॉ.मोहन यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति का कभी अंत नहीं हो सकता। यह गंगा की धारा की भांति उज्ज्वल, निर्मल और अविरल बहती रहेगी।
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