छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला सुकमा में “पूना मार्गेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अभियान से प्रभावित होकर 07 महिला सहित कुल 26 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया है। आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।आत्मसमर्पण कार्यक्रम 07 जनवरी 2026 को रक्षित आरक्षी केंद्र, सुकमा में आयोजित किया गया, जहां सभी माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण सहित पुलिस व केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
PLGA, दक्षिण बस्तर, माड़ डिवीजन और AOB क्षेत्र में थे सक्रिय
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पित माओवादी PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन एवं आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। इनमेंCYPCM – 01,DVCM – 01,PPCM – 03,ACM – 03 पार्टी सदस्य – शामिल हैं।ये सभी माओवादी सुकमा, माड़ क्षेत्र एवं सीमावर्ती ओडिशा में हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं।
बड़ी घटनाओं में रही संलिप्तता
आत्मसमर्पित कैडरों में शामिल कुछ माओवादी 2017 सोनाबेड़ा IED ब्लास्ट (14 जवान शहीद),2020 मिनपा मुठभेड़ (17 जवान शहीद) तथा2021 टेकलगुड़ा एंबुश (22 जवान शहीद) जैसी बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं।‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’ से बदली सोचलगातार अंदरूनी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, सटीक नक्सल ऑपरेशन और पुलिस के बढ़ते प्रभाव के चलते माओवादी संगठन कमजोर पड़ रहा है।इसी का परिणाम है कि माओवादियों ने छत्तीसगढ़ शासन की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति–2025” और “पूना मार्गेम” अभियान से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया।
50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि सहित सभी सुविधाएं
पुलिस प्रशासन ने बताया कि सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को शासन की नीति के तहत प्रति व्यक्ति के लिए 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि,घोषित इनाम ,पुनर्वास, रोजगार एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी माओवादियों को मुख्यधारा में लाने में डीआरजी सुकमा, इंटेरोगेशन शाखा, विआशा सुकमा, आरएफटी सुकमा तथा सीआरपीएफ की 02, 159, 212, 217, 226 बटालियन एवं कोबरा 201 की खुफिया शाखाओं की विशेष भूमिका रही।
पुलिस का स्पष्ट संदेश
सुकमा पुलिस ने कहा कि शेष माओवादियों के पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है हिंसा छोड़कर शांति, विकास और सम्मानजनक जीवन के लिए “पूना मार्गेम” अभियान से जुड़ना नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को साकार करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
Comments (0)