इंदौर - इंदौर में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर छिड़ा विवाद अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। कांग्रेस की पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।
यह देश किसी एक धर्म का नहीं
पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने इस मामले पर तीखा रुख अपनाते हुए कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “भारत में रहने वाले हर नागरिक को ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करना ही होगा।” ठाकुर ने आगे कहा कि यह देश किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का है और यहां भारतीय संविधान सर्वोपरि है।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए
उषा ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई ‘वंदे मातरम’ बोलने से इनकार करता है, तो इसे राष्ट्र के प्रति अनादर के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह की सोच देशहित के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
‘वंदे मातरम’ को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है
गौरतलब है कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर देश में समय-समय पर बहस होती रही है। एक पक्ष इसे राष्ट्रभक्ति का प्रतीक मानता है, जबकि दूसरा पक्ष इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक आस्था से जोड़कर देखता है। फिलहाल, इंदौर से उठा यह विवाद प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ले चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
रुबीना इकबाल खान का बयान
वंदे मातरम बोलना हर किसी के लिए अनिवार्य नहीं किया जा सकता। हर व्यक्ति को अपने धर्म और मान्यताओं के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता है। संविधान हमें अभिव्यक्ति और आस्था की आज़ादी देता है, उसी के तहत हम अपनी बात रख रहे हैं।