छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक मासूम बच्ची की मोबाइल फोन की जिद उस वक्त खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई, जब वह नाराज होकर पेड़ पर चढ़ गई। परिवार और ग्रामीण काफी देर तक उसे नीचे उतरने के लिए मनाते रहे, लेकिन बच्ची अपनी मांग पर अड़ी रही। स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती जा रही थी और किसी अनहोनी की आशंका बढ़ने लगी थी।
नया मोबाइल नहीं मिलने पर नाराज हुई बच्ची
जानकारी के मुताबिक बच्ची अपने परिजनों से नया मोबाइल फोन दिलाने की मांग कर रही थी। जब उसकी बात नहीं मानी गई तो वह नाराज होकर गांव के पास एक पेड़ पर चढ़ गई। काफी समझाइश के बावजूद वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। परिवार के लोग घबरा गए और मौके पर ग्रामीणों की भी भीड़ जुट गई।
‘पुलिस अंकल’ ने प्यार से जीता भरोसा
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। यहां पुलिस ने सख्ती दिखाने के बजाय बेहद संवेदनशील रवैया अपनाया। एक पुलिसकर्मी ने बच्ची से प्यार भरे अंदाज में बातचीत शुरू की। ‘पुलिस अंकल’ ने बच्ची को समझाया, उसका भरोसा जीता और धैर्य के साथ उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए तैयार कर लिया।
संवेदनशीलता से टली संभावित अनहोनी
पुलिस की समझदारी और शांत व्यवहार की वजह से बड़ी दुर्घटना टल गई। बच्ची सुरक्षित नीचे उतर आई, जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि कई परिस्थितियों में सख्ती नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और संवाद सबसे बड़ा समाधान बन जाते हैं।
सोशल मीडिया पर हो रही पुलिस की सराहना
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस के व्यवहार की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस जल्दबाजी या सख्ती दिखाती तो स्थिति बिगड़ सकती थी, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से बच्ची को संभालकर पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की।