राजधानी रायपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर अभनपुर विकासखंड के बिरेझर गांव में स्थित मां मातंगी देवी धाम अपनी अनूठी धार्मिक परंपराओं के कारण श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। दूर-दूर से लोग यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और माता के दरबार में पूजा-अर्चना करते हैं।
घड़ी बांधने की अनोखी परंपरा
इस मंदिर की सबसे विशेष मान्यता घड़ी बांधने की है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना के साथ मंदिर परिसर में एक घड़ी बांधते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और स्थानीय लोगों के बीच इसकी विशेष मान्यता है।
घड़ी बंद होना माना जाता है शुभ संकेत
स्थानीय मान्यता के अनुसार, जब मंदिर में बांधी गई घड़ी अपने आप बंद हो जाती है, तो इसे श्रद्धालु के जीवन में अच्छे समय की शुरुआत का संकेत माना जाता है। इसी विश्वास के चलते बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर माता से अपनी मनोकामना मांगते हैं।
दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
मां मातंगी देवी धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष अवसरों और धार्मिक पर्वों पर यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की यह अनोखी परंपरा इसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्रों में अलग पहचान दिलाती है।