प्रदेश में निवेश पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कहा कि निवेश को लेकर मध्यप्रदेश सरकार के दावे एक बार फिर पूरी तरह झूठ साबित हुए हैं। प्रदेश में निवेश की स्थिति खोदा पहाड़, निकली चुहिया वाली हो गई है।पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा प्रदेश सरकार ने फ़रवरी 2025 में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आने का दावा किया था। लेकिन सच्चाई यह है कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में जितना निवेश होने का दावा किया था, उतना निवेश तो पूरे देश में नहीं हुआ है।
सिर्फ़ 3.2% हिस्सा मिला
बल्कि ज़मीनी हक़ीक़त यह है कि पूरे देश में अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच 26.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, वहीं मध्यप्रदेश के पास इस निवेश का सिर्फ़ 3.2% हिस्सा ही आया।इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि मध्यप्रदेश सरकार इनवेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों के माध्यम से सिर्फ़ तमाशा खड़ा करती है और सरकारी धन का अपव्यय किया जाता है।
निवेश मांगा नहीं जाता
मैंने हमेशा कहा है कि निवेश मांगा नहीं जाता, आकर्षित किया जाता है। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ कर, लाल फ़ीताशाही में कमी करके और निवेश के क्षेत्रों की विशिष्ट पहचान करते ही यह काम किया जा सकता है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इस दिशा में भाजपा की कोई पहल नहीं है।
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