एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1240 ने मंगलवार शाम जयपुर से उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ ही समय बाद विमान में सवार एक वर्षीय बच्चे की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी, जिसके बाद परिजनों ने तुरंत केबिन क्रू को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पायलट ने शाम करीब 7:20 बजे इंदौर एयरपोर्ट से संपर्क कर मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
डॉक्टरों की टीम रही तैयार, फिर भी न बच सकी जान
एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी और इंदौर एयरपोर्ट पर डॉक्टरों और एम्बुलेंस की टीम पहले से ही तैनात कर दी गई। शाम 7:50 बजे विमान के उतरते ही बच्चे को तुरंत बाहर निकाला गया। विमान में मौजूद एक डॉक्टर लगातार सीपीआर देते रहे और एयरपोर्ट मेडिकल टीम ने भी पूरा प्रयास किया। बच्चे को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, फिर डॉल्फिन हॉस्पिटल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
कौन था मासूम बच्चा
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, बच्चे का नाम मोहम्मद अबरार था, जिसकी उम्र मात्र एक वर्ष थी। वह अपने पिता मोहम्मद अजलान, मां फिरोजा और बड़े भाई के साथ जयपुर से बेंगलुरु अपने घर लौट रहा था। खुशहाल घर की यात्रा कुछ ही पलों में दुखद घटना में बदल गई।
क्या रही संभावित वजह
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, उड़ान से पहले बच्चे की तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं थी। यह आशंका जताई जा रही है कि उड़ान के दौरान पानी या दूध पिलाते समय तरल पदार्थ श्वासनली में चला गया, जिसके कारण उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई। हालांकि, विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
सुरक्षा और प्राथमिक उपचार पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने हवाई यात्रा के दौरान शिशुओं की मेडिकल सुरक्षा और प्राथमिक उपचार की तत्काल उपलब्धता जैसे मुद्दों पर फिर से गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिशुओं के साथ यात्रा करते समय स्वास्थ्य स्थिति और सावधानियों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जोखिम को कम किया जा सके।
शोक और सदमे का माहौल
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। यात्रियों और क्रू मेंबर्स के अनुसार, विमान के भीतर गहरा भावनात्मक तनाव का माहौल था। मासूम की असामयिक मौत ने सभी को भीतर तक झकझोर दिया है।
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