पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में प्रदेश को केंद्र सरकार से कुल 44 हज़ार करोड़ रुपए मिलने थे, लेकिन अब तक मुश्किल से केवल 10 हज़ार करोड़ रुपए ही प्रदेश को प्राप्त हुए हैं।34 हज़ार करोड़ रुपए की कमी से प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन प्रभावित हुआ है और जीएसटी संग्रहण का अनुमान भी बिगड़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा भाजपा हमेशा डबल इंजन सरकार का ढोल पीटती है, लेकिन अब मध्य प्रदेश में ढोल की पोल खुल गई।
केंद्र से 34 हज़ार करोड़ रुपए नहीं मिले
चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार से प्रदेश को 44 हज़ार करोड़ रुपए मिलने थे लेकिन अब तक मुश्किल से 10 हज़ार करोड़ रुपए ही मिले हैं।प्रदेश को 34 हज़ार करोड़ ना मिलने से प्रदेश का वित्त प्रबंधन गड़बड़ा गया है। स्थिति यह है कि जीएसटी संग्रहण का आकलन तक बिगड़ गया है।
केंद्र पर धन जारी करने के लिए दबाव बनाए
ऐसा प्रतीत होता है कि पहले से ही क़र्ज़ संकट से जूझ रहे प्रदेश के सामने अब और बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।दुख की बात है कि प्रदेश सरकार केंद्र से अपना जायज़ हिस्सा भी नहीं माँग पा रही है। मेरी माँग है कि राज्य सरकार पार्टी के हित पर प्रदेश के हित को तरजीह दे और केंद्र पर धन जारी करने के लिए दबाव बनाए।
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