सुकमा ज़िला अक्सर नक्सल गतिविधियों और भौगोलिक दुर्गमता के कारण सुर्खियों में रहता है, लेकिन इस बार इसकी पहचान विकास और स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्टता के कारण बनी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़दी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गगपल्ली और आयुष्मान आरोग्य मंदिर किस्टाराम को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। यह सम्मान इस बात का सूचक है कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच भी सुदृढ़ इच्छाशक्ति और सुव्यवस्थित प्रयासों के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का संकल्प
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल शहरों और सुलभ क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि वे उन अंतिम व्यक्तियों तक भी पहुंचे जो वर्षों से सुविधाओं से वंचित रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित योजनाओं और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार ने सुकमा जैसे संवेदनशील जिले में भी गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था को संभव बनाया। यह प्रमाणन इसी दिशा में एक सशक्त उपलब्धि है।
सख्त मानकों पर खरा उतरा सुकमा
NQAS प्रमाणन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के कठोर गुणवत्ता मानकों पर आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया है। सुकमा के इन तीन स्वास्थ्य केंद्रों ने सेवा उपलब्धता, मरीज अधिकार, संक्रमण नियंत्रण, सुविधा प्रबंधन और रिकॉर्ड संधारण जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि इन केंद्रों में दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं न केवल प्रभावी हैं, बल्कि सुरक्षित और मानक आधारित भी हैं।
प्रशासनिक रणनीति और टीमवर्क बना सफलता का आधार
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए नियद नेल्लानार परियोजना के अंतर्गत एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना लागू की गई। बुनियादी ढांचे के विस्तार, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, दवाइयों की निरंतर आपूर्ति, स्टाफ प्रशिक्षण और संक्रमण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया। नियमित मॉनिटरिंग और समन्वित प्रयासों ने ही इस ऐतिहासिक सफलता को संभव बनाया, जो अब पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
कलेक्टर ने बताया ऐतिहासिक क्षण
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना इस जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में किए गए निवेश ही विकास की वास्तविक दिशा तय करते हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि आने वाले समय में भी ऐसी सफलताओं की श्रृंखला जारी रहे।
क्या है NQAS और इससे कैसे बदलेगी तस्वीर
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स यानी NQAS सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया एक व्यापक ढांचा है। इस प्रमाणन के बाद इन स्वास्थ्य केंद्रों को भारत सरकार की ओर से विशेष वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त होगा, जिसका उपयोग सुविधाओं के रखरखाव, विस्तार और तकनीकी उन्नयन के लिए किया जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को और बेहतर, सुरक्षित तथा सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी और जिले का स्वास्थ्य तंत्र और अधिक मजबूत बनेगा।
उम्मीद और विश्वास की नई दिशा
सुकमा के इन तीन स्वास्थ्य केंद्रों को मिला NQAS प्रमाणपत्र केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आशा और विश्वास की नई कहानी है। यह उपलब्धि बताती है कि यदि निष्ठा, इच्छाशक्ति और समर्पण हो तो दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र भी विकास के पथ पर अग्रसर हो सकते हैं।
Comments (0)