मध्यप्रदेश का पन्ना एक बार फिर अपनी हीरों की चमक के लिए सुर्खियों में है। जिले के सरकोहा गांव में खेत की खदान में काम करने वाले सात गरीब मजदूरों की किस्मत रातों-रात बदल गई। मजदूरों को करीब 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। हीरा मिलने की खबर सामने आते ही मजदूरों के परिवारों में खुशी का माहौल है।
बारिश के बाद खदान की चाल देखने पहुंचे थे पट्टाधारक
बताया गया कि बारिश के दौरान खेत में संचालित खदान की चाल का जायजा लेने पट्टाधारक अखिलेश पाल पहुंचे थे। इसी दौरान मिट्टी के बीच उन्हें चमकता हुआ पत्थर दिखाई दिया। जांच कराने पर वह बेशकीमती हीरा निकला। हीरे को नियमानुसार शासकीय हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है। अब इसकी सरकारी नीलामी कराई जाएगी।
तीन मजदूरों के घर जल्द बजेगी शहनाई
इस हीरे ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूरों के लिए नई उम्मीद पैदा कर दी है। सात साझेदारों में शामिल संतोष, शर्मन और अरुण आर्थिक परेशानियों के चलते करीब 30 से 38 वर्ष की उम्र तक शादी नहीं कर पाए थे। अब उन्हें उम्मीद है कि हीरे की नीलामी से मिलने वाली रकम से उनकी शादी की राह आसान होगी और जल्द ही उनके घरों में शहनाई बजेगी।
बच्चों की पढ़ाई और पक्के मकान का सपना
मजदूरों का कहना है कि हीरे से मिलने वाली रकम का उपयोग वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने में करेंगे। कच्चे छप्परों की जगह पक्के मकान बनाना और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना उनकी प्राथमिकता है। लंबे समय से आर्थिक तंगी में जीवन गुजार रहे इन परिवारों के लिए यह हीरा किसी वरदान से कम नहीं है।
सातों साझेदारों में बराबर बंटेगी राशि
नियमों के अनुसार हीरे की सरकारी नीलामी से प्राप्त राशि में से निर्धारित रॉयल्टी और अन्य शुल्क काटे जाएंगे। इसके बाद बची राशि सातों साझेदारों के बीच बराबर-बराबर बांटी जाएगी। मजदूर अब नीलामी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।