मध्य प्रदेश के पन्ना में रविवार को आदिवासी आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया, जब हजारों किसान और महिलाएं दिल्ली कूच के लिए निकल पड़े। प्रशासन ने डायमंड चौक पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और झड़प तक की नौबत आ गई।
दिल्ली कूच पर अड़े हजारों लोग
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रविवार को जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर आदिवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। ‘जय किसान संगठन’ के नेतृत्व में हजारों किसान और महिलाएं दिल्ली कूच के लिए निकल पड़े, जिससे पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन की सख्ती के बावजूद आंदोलनकारियों का हुजूम लगातार आगे बढ़ता रहा, जिससे हालात तनावपूर्ण बन गए।
डायमंड चौक पर झड़प, 2 घंटे बाद बसों से भेजे गए प्रदर्शनकारी
जैसे ही प्रदर्शनकारी दिल्ली की ओर बढ़े, पुलिस ने डायमंड चौक पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले दिए गए लिखित आश्वासन को पूरा नहीं किया और उल्टा उन पर धारा 163 के तहत कार्रवाई कर दी। करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर खजुराहो के लिए रवाना कर दिया। समाजसेवी अमित भटनागर ने प्रशासन से वार्ता खत्म कर ‘न्याय-अधिकार जन आंदोलन’ की घोषणा करते हुए चेतावनी दी है कि आंदोलनकारी हर हाल में दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। वहीं प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है।