राजधानी रायपुर में सक्रिय अंतर्राज्यीय चेन स्नेचिंग गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। डीडी नगर थाना पुलिस ने 7 महिलाओं और 1 पुरुष सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और इंदौर व जलगांव के निवासी बताए गए हैं।
भीड़ का फायदा उठाकर करते थे वारदात
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में महिलाओं को निशाना बनाता था। मौका मिलते ही आरोपी गले से सोने की चेन पार कर फरार हो जाते थे। रायपुर शहर में इस गिरोह ने करीब एक दर्जन वारदातों को अंजाम दिया है।
चोरी के गहनों से खरीदी इनोवा कार
गिरोह के सदस्य चोरी किए गए सोने के गहनों को बेचकर रकम जुटाते थे और उसी पैसे से इन्होंने एक इनोवा कार खरीदी थी। इस कार का उपयोग वे अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर चोरी की घटनाएं करने में करते थे। गिरोह छत्तीसगढ़ के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी सक्रिय था।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब रायपुर निवासी तरूणेन्द्र वर्मा ने डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनकी 66 वर्षीय मां निर्मला वर्मा चंगोराभाठा बाजार से लौटते समय चेन स्नेचिंग की शिकार हुई थीं। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें कुछ संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के आसपास मंडराती नजर आईं और वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दीं।
15 ट्रैप पार्टियां बनाकर की कार्रवाई
जांच के दौरान एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट की टीम ने 15 ट्रैप पार्टियां गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर भाठागांव बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कार को पकड़ा गया। वाहन में 7 महिलाएं और 1 पुरुष सवार थे, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
नकदी, गहने और कार जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10,500 रुपये नकद, एक सोने की चेन, एक कटर, चार मोबाइल फोन और एक इनोवा कार जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में संध्या सकटे, सोनिया हातागले, उज्वाला हातागले, साखरा बाई सकटे, ज्योति सकटे, सरिता ज्वरे, सपना हातागले और अभय हातागले शामिल हैं।
शहर के कई थाना क्षेत्रों में वारदात
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य सरस्वती नगर, खमतराई, कोतवाली, गोलबाजार और डीडी नगर थाना क्षेत्रों में कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।