राजधानी रायपुर पुलिस ने खुद को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों का अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फर्जी पहचान-पत्र और ऊंची पहुंच का झूठा दावा कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।
फर्जी आईडी और एडिटेड फोटो से जीतता था भरोसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न मंत्रालयों के फर्जी पहचान-पत्र, एडिटेड फोटो और प्रभावशाली अधिकारियों से संबंध होने का दावा कर लोगों का विश्वास जीतता था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, कई पहचान-पत्र, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकदी और घटना में प्रयुक्त कार जब्त की है।
संयुक्त टीम ने की गिरफ्तारी
इस कार्रवाई को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में अपराध दर्ज कर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
ट्रेन यात्रा के दौरान हुई थी मुलाकात
प्रार्थी गुरु नारायण ने पुलिस को बताया कि लगभग दो वर्ष पहले ट्रेन यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात रजनीश कुमार राय से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताते हुए अपना परिचय दिया और कई बड़े अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया।
5 लाख रुपये में पोस्टिंग कराने का दिया था झांसा
आरोपी ने सरकारी विभागों में ट्रांसफर, पोस्टिंग और नौकरी दिलाने का भरोसा देते हुए प्रार्थी से 5 लाख रुपये लेकर मनचाही पदस्थापना कराने का प्रस्ताव रखा। अपनी बात पर विश्वास दिलाने के लिए उसने अलग-अलग मंत्रालयों के फर्जी पहचान-पत्र भी दिखाए।
शक होने पर पहुंचा पुलिस के पास
जब आरोपी ने कई विभागों के अलग-अलग फर्जी पहचान-पत्र दिखाए, तब प्रार्थी को संदेह हुआ। इसके बाद उसने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस उससे पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।