रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम प्रशासन ने इंजीनियरिंग विंग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने सहायक अभियंताओं (Assistant Engineers) और उप अभियंताओं (Sub Engineers) के तबादले एवं नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत 19 इंजीनियरों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं, जबकि कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव कार्यों के बेहतर संचालन और परियोजनाओं में गति लाने के उद्देश्य से किया गया है।
कई जोन में बदले गए सहायक अभियंता
जारी आदेश के अनुसार नगर निगम के विभिन्न जोन में कार्यरत सहायक अभियंताओं की नई तैनाती की गई है। रश्मि भौमना को जोन-1 से जोन-4 भेजा गया है, जबकि गुलाबचंद्र कर्ष अब जोन-9 में सेवाएं देंगे। आशीष श्रीवास्तव को जोन-10, रेणुका खूंटे को जोन-3 और फराज फारुकी को जोन-2 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिज्ञासा जैन को जोन-7 और मनोज साहू को जोन-9 में नई पदस्थापना मिली है।
उप अभियंताओं की भी बदली जिम्मेदारी
नगर निगम ने उप अभियंताओं के कार्यक्षेत्र में भी व्यापक बदलाव किए हैं। अबरार खान और जयनंदन डहरिया को जोन-2 भेजा गया है। अंकुर मिश्रा को जोन-4, सुधीर भट्ट और अंकिता जनार्दन को जोन-5 में नई जिम्मेदारी मिली है। वहीं निर्मल तिग्गा और कृष्ण कुमार साहू को जोन-6, अंकिता अग्रवाल और मनीषा निराला को जोन-8, जबकि विद्या देशलहरा और सोहन गुप्ता को जोन-9 में पदस्थ किया गया है। मुख्यालय में कार्यरत अमित सरकार को जोन-10 की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन अधिकारियों को मिला अतिरिक्त प्रभार
तबादलों के साथ कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी दी गई हैं। प्रभारी कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा को अपने मौजूदा दायित्वों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सहायक अभियंता नितिश कुमार झा अब जलप्रदाय शाखा और योजना शाखा का अतिरिक्त कार्य भी संभालेंगे। वहीं शुभम तिवारी को जोन-2 के दायित्व से मुक्त कर नगर निवेश शाखा, जलप्रदाय शाखा और योजना शाखा में उप अभियंता के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है।
तत्काल प्रभाव से लागू हुए आदेश
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि सभी तबादला और पदस्थापना आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना देरी अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से विभिन्न जोन और शाखाओं के बीच कार्यों का बेहतर समन्वय होगा, विकास परियोजनाओं की निगरानी मजबूत होगी और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी।
क्या है इस बदलाव का उद्देश्य?
नगर निगम प्रशासन समय-समय पर कार्यभार के संतुलन, परियोजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करता है। इस बार भी इंजीनियरिंग शाखा में किया गया यह फेरबदल विकास कार्यों की गति बढ़ाने और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।