छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। नक्सल प्रभावित इलाकों को पूरी तरह हिंसा मुक्त करने की दिशा में सुरक्षा बलों द्वारा आखिरी चरण की मैपिंग और सघन अभियान तेज कर दिए गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं।
कहीं भी नक्सली सक्रिय न रह जाएं
मिली जानकारी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में गांव-गांव सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी नक्सली सक्रिय न रह जाएं। इसके साथ ही जंगलों और दुर्गम इलाकों में हथियारों, गोला-बारूद और ठिकानों की गहन छानबीन की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं
जिन इलाकों को पहले ही नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित किया जा चुका है, वहां भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं। इन क्षेत्रों में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की जांच और निष्क्रियकरण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों और सुरक्षा बलों को किसी तरह का खतरा न रहे।
शाह इसी महीने छत्तीसगढ़ का दौरा कर सकते हैं !
मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसी महीने छत्तीसगढ़ का दौरा कर सकते हैं, जहां वे नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अंतिम चरण के अभियान की समीक्षा करेंगे और सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी कर सकते हैं।
2025 में अब तक 317 नक्सलियों को मारे गए
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक 317 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जबकि 862 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1,973 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इन आंकड़ों को नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
आने वाले समय में देश नक्सल मुक्त होगा
वहीं सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार दबाव, सटीक रणनीति और विकास कार्यों के चलते नक्सली संगठन कमजोर पड़े हैं। वहीं सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश को नक्सल हिंसा से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
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