राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट ने जब्त सामग्री के सुरक्षित और सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए “ई-मालखाना प्रणाली” की शुरुआत की है। इस नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए माल की निगरानी और रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी बनाना है।
डिजिटल ट्रैकिंग से मजबूत होगी चेन ऑफ कस्टडी
ई-मालखाना प्रणाली के माध्यम से जब्त सामग्री की आवक-जावक का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे “चेन ऑफ कस्टडी” को सुरक्षित बनाए रखने में मदद मिलेगी और केस से जुड़ी सामग्री की ट्रैकिंग पहले से अधिक आसान और व्यवस्थित हो सकेगी।
कोतवाली थाने से हुई शुरुआत
कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन अंतर्गत कोतवाली पुलिस स्टेशन में सबसे पहले ई-मालखाना की शुरुआत की गई है। पुलिस विभाग की योजना है कि आने वाले समय में राजधानी के सभी थानों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
बारकोडिंग से विवेचना में मिलेगी मदद
नई प्रणाली के तहत जब्त सामग्री की बारकोडिंग की जाएगी। इसके साथ ही केस से जुड़े रजिस्टरों पर भी बारकोड लगाया जाएगा, जिससे किसी भी सामग्री और दस्तावेज की डिजिटल पहचान तुरंत हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इससे विवेचना प्रक्रिया में तेजी आएगी और केस मैनेजमेंट अधिक प्रभावी बनेगा।
तकनीक से पुलिस व्यवस्था होगी मजबूत
पुलिस कमिश्नरेट का मानना है कि ई-मालखाना जैसी डिजिटल पहल से रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और जब्त सामग्री के रखरखाव में होने वाली दिक्कतें कम होंगी। यह व्यवस्था भविष्य में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।