पन्ना नगर के टाउन हॉल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित जन गोष्ठी में “पंच परिवर्तन” का संदेश प्रमुखता से उभरा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों को समाज जागरण का आधार बताते हुए नागरिकों से इन्हें जीवन में अपनाने का आह्वान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को प्रभावी और प्रेरणादायक बना दिया।
संघ की 100 वर्षों की यात्रा और सामाजिक योगदान पर प्रकाश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने संघ की स्थापना से लेकर अब तक की 100 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए उसके सामाजिक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि संघ ने निरंतर सेवा, संगठन और संस्कार के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य किया है।
“पंच परिवर्तन” से समाज में सकारात्मक बदलाव का आह्वान
मुख्य वक्ता ने “पंच परिवर्तन” के पांच प्रमुख आयामों—कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य—पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाए, तो समाज में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन संभव है।