राजधानी में ट्रैफिक चालान प्रणाली में गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक बाइक मालिक को उसकी स्कूटी के नाम पर चालान थमा दिया गया। कड़कड़डूमा कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष भदौरिया ने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए संबंधित विभाग से चालान को तुरंत निरस्त करने की मांग की है।
अधिवक्ता मनीष भदौरिया ने शिकायत में ये बताया
अधिवक्ता मनीष भदौरिया ने शिकायत में बताया कि 29 मार्च 2026 को दोपहर 1:35 बजे के आसपास उनके नाम पर एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें रिठाला इलाके में ट्रैफिक नियम उल्लंघन का आरोप लगाया गया। जबकि उस समय वह मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए मौजूद थे।
मेरे पास मोटरसाइकिल है
उन्होंने कहा, "जब मैंने नोटिस की जांच की तो देखा कि चालान स्कूटी द्वारा नियम तोड़ने के आधार पर जारी किया गया है, जबकि मेरे पास मोटरसाइकिल है। यह साफ तौर पर गलत वाहन के नाम पर चालान जारी करने का मामला है।
यह चालान पूरी तरह गलत है
मनीष भदौरिया ने संबंधित विभाग को लिखित शिकायत में कहा कि यह चालान पूरी तरह गलत है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि चालान निरस्त होने की सूचना उन्हें तुरंत प्रदान की जाए।
ट्रैफिक चालान सिस्टम की विश्वसनीयता पर खड़े हुए सवाल
इस घटना ने ट्रैफिक चालान सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते ऐसी त्रुटियों को नहीं सुधारा गया, तो आम नागरिकों को बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
तकनीकी खामियों या डेटा एंट्री में त्रुटियां !
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल ट्रैफिक प्रणाली में ऐसी गलतियां तकनीकी खामियों या डेटा एंट्री में त्रुटियों के कारण हो सकती हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को समीक्षा और सुधार प्रक्रिया तेज करनी होगी, ताकि नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन न हो।