रायपुर। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने शुक्रवार को पंडरी स्थित सत्यनारायण भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संगठन का मुख्य संकल्प छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन को रोकना और घर वापसी अभियान को तेज करना है।
संतों और विभिन्न समाजों से लगातार संपर्क
आलोक कुमार ने कहा कि उनका हर महीने कम से कम पांच दिन संत दर्शन और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों से मुलाकात का प्रयास रहता है। इसी क्रम में उन्होंने सतनामी समाज, रामनामी समाज, सिंधी समाज, कबीर समाज, गहिरा गुरु समाज, अघोर आश्रम सहित कई संप्रदायों के लोगों से मुलाकात की।
“लालच देकर धर्म परिवर्तन व्यापार जैसा”
VHP अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक कार्य नहीं बल्कि “व्यापार” जैसा है। उन्होंने कहा कि जो लोग कुछ समय पहले ईसाई या मुस्लिम बने हैं, उनके लिए घर वापसी अभियान को और तेज किया जाएगा।
धर्म स्वतंत्रता कानून को बताया प्रभावी
आलोक कुमार ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लाए गए धर्म स्वतंत्रता कानून की सराहना करते हुए कहा कि यह धर्म परिवर्तन रोकने में प्रभावी साबित होगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों ने भी पंचायत स्तर पर धर्म परिवर्तन के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए हैं ताकि गांवों में पादरी या पास्टर प्रवेश कर धर्म परिवर्तन न करा सकें।
संवेदनशील ब्लॉकों में तैनात होंगे कार्यकर्ता
VHP ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ के संवेदनशील ब्लॉकों में फुल टाइम कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। ये कार्यकर्ता धर्म परिवर्तन रोकने और घर वापसी अभियान के लिए काम करेंगे।
बस्तर में खुलेंगे प्रतिभा विकास केंद्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि बस्तर क्षेत्र में 60 से अधिक प्रतिभा विकास केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों और युवाओं के विकास पर कार्य किया जाएगा।
हिंदू परिवारों से अधिक बच्चों की अपील
आलोक कुमार ने कहा कि हिंदू समुदाय को दो से तीन बच्चे पैदा करने चाहिए ताकि समाज की जनसंख्या संतुलित बनी रहे।