नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय परिसर में पिछले 18 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन अब खत्म हो गया है। छात्र संघ चुनाव बहाल करने समेत कई मांगों को लेकर शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण कैंपस में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का फैसला लिया था। हालांकि, अब छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद कैंपस में सामान्य पढ़ाई बहाल करने की तैयारी शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक, 10 नवंबर 2026 से ऑफलाइन कक्षाएं दोबारा शुरू होंगी। इसके साथ ही दूसरे मिड-टर्म एग्जाम भी ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन मोड में आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में लंबे समय से घर से पढ़ाई कर रहे छात्रों को एक बार फिर विश्वविद्यालय पहुंचकर नियमित कक्षाओं में शामिल होने का मौका मिलेगा।
18 दिनों तक चला छात्रों का आंदोलन, अब बनी सहमति
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों का विरोध प्रदर्शन 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ था। इस आंदोलन के केंद्र में विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग थी। छात्रों का कहना था कि लंबे समय से कैंपस में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे छात्र प्रतिनिधित्व का मुद्दा लगातार बना हुआ है। अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और भूख हड़ताल का भी सहारा लिया। धीरे-धीरे इस आंदोलन का असर विश्वविद्यालय की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर भी पड़ने लगा। पढ़ाई का माहौल प्रभावित होने के कारण प्रशासन ने ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया था। करीब 18 दिनों तक चले विरोध के बाद छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत हुई। इसके बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी और अब कैंपस में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
10 नवंबर से कैंपस में शुरू होंगी ऑफलाइन कक्षाएं
आंदोलन खत्म होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमित पढ़ाई को दोबारा पटरी पर लाने के लिए नया आदेश जारी किया है। जामिया के रजिस्ट्रार प्रोफेसर एमडी महताब आलम रिजवी की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, 10 नवंबर 2026 से सभी संबंधित छात्रों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसका मतलब है कि 9 नवंबर तक छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाई करनी होगी। वहीं, 10 नवंबर से उन्हें नियमित रूप से विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचकर कक्षाओं में शामिल होना होगा। इस फैसले से उन छात्रों को राहत मिलेगी, जिनकी पढ़ाई पिछले कई दिनों से ऑनलाइन माध्यम पर निर्भर थी। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के साथ ही कैंपस में शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य करने पर जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के नए आदेश के बाद छात्रों को अब अपनी दिनचर्या और पढ़ाई की तैयारी नए शेड्यूल के अनुसार करनी होगी।
16 से 21 नवंबर तक होंगे दूसरे मिड-टर्म एग्जाम
ऑफलाइन कक्षाओं की वापसी के साथ विश्वविद्यालय ने दूसरे मिड-टर्म एग्जाम को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। जारी निर्देश के मुताबिक, दूसरे मिड-टर्म एग्जाम 16 नवंबर से 21 नवंबर 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह है कि ये परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं, बल्कि ऑफलाइन मोड में होंगी। यानी छात्रों को निर्धारित परीक्षा केंद्रों और विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचकर अपने पेपर देने होंगे। ऑफलाइन परीक्षाओं की घोषणा के बाद छात्रों के सामने अब तैयारी के लिए सीमित समय बचा है। ऐसे में उन्हें अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा से संबंधित जरूरी जानकारियां भी जुटानी होंगी। हालांकि, विषयवार परीक्षा कार्यक्रम और पेपर के समय से जुड़ी जानकारी के लिए छात्रों को अपने संबंधित विभाग के नोटिस का इंतजार करना होगा। विश्वविद्यालय के इस फैसले से परीक्षा व्यवस्था को भी सामान्य रूप में वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
पुराने आदेशों को किया गया रद्द, नया निर्देश लागू
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी नए आदेश में पहले दिए गए कुछ निर्देशों में भी बदलाव किया गया है। रजिस्ट्रार द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, 24 अक्टूबर, 26 अक्टूबर और 28 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए पुराने आदेश अब प्रभावी नहीं रहेंगे। उनकी जगह नया आदेश लागू किया गया है, जिसमें ऑफलाइन कक्षाओं और परीक्षाओं की व्यवस्था स्पष्ट कर दी गई है। दरअसल, आंदोलन के दौरान कैंपस की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने समय-समय पर अलग-अलग निर्देश जारी किए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था लागू की गई थी। अब आंदोलन समाप्त होने और छात्रों के साथ बातचीत के बाद विश्वविद्यालय ने नई व्यवस्था तैयार की है। नए आदेश का उद्देश्य पढ़ाई और परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों को एक निर्धारित कार्यक्रम के तहत दोबारा शुरू करना है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आगे की जानकारी के लिए विश्वविद्यालय के आधिकारिक नोटिस पर नजर बनाए रखें।
डीन और विभागाध्यक्षों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
ऑफलाइन पढ़ाई और परीक्षाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। नए आदेश के तहत सभी डीन, विभागाध्यक्षों और निदेशकों को अपने-अपने विभागों में शैक्षणिक व्यवस्था दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित तारीख से कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हों। इसके अलावा परीक्षा से जुड़ी तैयारियों को भी समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की उपस्थिति और अन्य जरूरी शैक्षणिक रिकॉर्ड को नियमित रूप से बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। विभागीय स्तर पर पढ़ाई और परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। प्रशासन का प्रयास है कि ऑनलाइन से ऑफलाइन व्यवस्था में बदलाव के दौरान छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को फिर से सामान्य करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
छात्र संघ चुनाव की मांग बनी थी आंदोलन की मुख्य वजह
जामिया में शुरू हुए इस आंदोलन के पीछे सबसे प्रमुख मुद्दा छात्र संघ चुनाव को बहाल करने की मांग थी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से चुनाव नहीं हुए हैं और इस वजह से छात्र प्रतिनिधित्व का सवाल बना हुआ है। छात्र चाहते थे कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाए और चुनाव बहाल करने की दिशा में कदम उठाए। इसी मांग को लेकर 12 अक्टूबर से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। आंदोलन के दौरान छात्रों ने धरना देने के साथ भूख हड़ताल भी की, जिससे मामला लगातार चर्चा में बना रहा। हालांकि, फिलहाल बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है और कैंपस में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने का फैसला लिया गया है। छात्र संघ चुनाव को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर छात्रों की नजर बनी रहेगी। फिलहाल छात्रों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि उनकी नियमित पढ़ाई और परीक्षाएं दोबारा ऑफलाइन माध्यम से शुरू होने जा रही हैं।
जामिया के छात्रों के लिए जरूरी तारीखें
महत्वपूर्ण जानकारी तारीख
ऑनलाइन कक्षाओं का अंतिम दिन 9 नवंबर 2026
ऑफलाइन कक्षाएं शुरू 10 नवंबर 2026
दूसरे मिड-टर्म एग्जाम 16 से 21 नवंबर 2026
पुराने आदेश रद्द 24, 26 और 28 अक्टूबर के आदेश
छात्रों को अब किन बातों का रखना होगा ध्यान?
ऑफलाइन कक्षाएं और परीक्षाएं शुरू होने से पहले छात्रों को अपनी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए। इसके लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले नए नोटिस और अपडेट नियमित रूप से चेक करें। अपने संबंधित विभाग से ऑफलाइन कक्षाओं के टाइम टेबल की जानकारी जरूर लें। दूसरे मिड-टर्म एग्जाम का विषयवार शेड्यूल और परीक्षा से जुड़े निर्देश भी विभाग से पता करें। लंबे समय तक ऑनलाइन पढ़ाई होने के बाद अब छात्रों को दोबारा कैंपस की नियमित दिनचर्या में लौटना होगा। इसलिए कक्षाओं में उपस्थिति और परीक्षा की तैयारी को लेकर लापरवाही न करें। फिलहाल 10 नवंबर से शुरू होने वाली ऑफलाइन पढ़ाई जामिया के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है।