पब्लिक हेल्थ ऑफिसर स्वास्थ्य सेवाओं की योजना बनाने, नीतियां तैयार करने और समाज में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का काम करते हैं। ये अधिकारी सरकारी और निजी संस्थानों में काम करते हुए बीमारियों की रोकथाम, जागरूकता और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
किस तरह करें इस क्षेत्र में पढ़ाई
इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्रों को 12वीं के बाद ऐसे विषय चुनने चाहिए जो स्वास्थ्य और विज्ञान से जुड़े हों, जैसे बायोलॉजी, केमिस्ट्री या सोशल साइंस। इसके बाद पब्लिक हेल्थ, हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन या संबंधित विषयों में ग्रेजुएशन और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन करना जरूरी माना जाता है। मास्टर्स इन पब्लिक हेल्थ (MPH) इस क्षेत्र में एक लोकप्रिय कोर्स है।
कौन-कौन से कोर्स हैं उपलब्ध
छात्र बीएससी इन पब्लिक हेल्थ, बीएचए (बैचलर ऑफ हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन) या फिर एमपीएच जैसे कोर्स चुन सकते हैं। इसके अलावा हेल्थ मैनेजमेंट और एपिडेमियोलॉजी जैसे स्पेशलाइजेशन भी करियर को मजबूत बनाते हैं।
करियर के बेहतरीन अवसर
इस क्षेत्र में नौकरी के कई विकल्प मौजूद हैं। पब्लिक हेल्थ ऑफिसर के अलावा हेल्थ कंसल्टेंट, प्रोजेक्ट मैनेजर, रिसर्चर और एनजीओ सेक्टर में भी काम करने के अवसर मिलते हैं। सरकारी विभागों, अस्पतालों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और हेल्थ एजेंसियों में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
क्यों बढ़ रही है इस फील्ड की डिमांड
बढ़ती बीमारियों, महामारी के खतरे और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत के चलते पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ी है। यह क्षेत्र न सिर्फ एक सुरक्षित करियर देता है बल्कि समाज सेवा का मौका भी प्रदान करता है।