हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह तड़के से ही हर की पौड़ी समेत गंगा के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा पितरों के मोक्ष की कामना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। घाटों और मेला क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने संभाली कमान
जिलाधिकारी Mayur Dixit और एसएसपी Navneet Singh Bhullar ने स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
300 साल बाद बना दुर्लभ संयोग: महंत रवींद्र पुरी
Ravindra Puri ने बताया कि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार लगभग 300 वर्षों बाद सोमवती अमावस्या पर ऐसा दुर्लभ और विशेष संयोग बना है। उन्होंने कहा कि अमावस्या, अधिक मास और ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण यह दिन हरिद्वार, प्रयागराज, अयोध्या सहित देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पितृ तर्पण और दान का विशेष महत्व
महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान के बाद भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए और मध्याह्न काल में पितरों का तर्पण करना शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन दान-पुण्य और ब्राह्मणों को भोजन कराने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग तीर्थ स्थलों तक नहीं पहुंच सकते, वे अपने घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और अपने पूर्वजों का स्मरण करें।
पीपल पूजन का भी बताया महत्व
महंत रवींद्र पुरी ने भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पीपल वृक्ष को अपना स्वरूप बताया है। उन्होंने कहा कि पीपल वृक्ष का धार्मिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व है। सोमवती अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष का पूजन और जल अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
श्रद्धालुओं में दिखा विशेष उत्साह
देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान, पितृ तर्पण और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
सुरक्षा के लिए बनाए गए 6 सुपर जोन और 40 सेक्टर
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरे क्षेत्र को 6 सुपर जोन, 16 जोन और 40 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में डिप्टी एसपी, सीओ, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए SDRF, NDRF, बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS), डॉग स्क्वाड, PAC और अन्य सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है।
श्रद्धा और सुरक्षा के बीच जारी है स्नान पर्व
प्रशासन के अनुसार सोमवती अमावस्या का स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बावजूद घाटों पर व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं। हरिद्वार में श्रद्धा, सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता के बीच यह विशेष स्नान पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।