हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली दिव्या भारती का असमय निधन भारतीय फिल्म जगत की सबसे चर्चित और दुखद घटनाओं में से एक माना जाता है। बहुत कम समय में असाधारण लोकप्रियता हासिल करने वाली इस अभिनेत्री के अचानक चले जाने से न केवल उनके प्रशंसकों को गहरा आघात पहुंचा, बल्कि कई फिल्म परियोजनाएं भी बीच में प्रभावित हो गईं। हाल ही में फिल्मकार अनीस बज़्मी ने एक साक्षात्कार में दिव्या भारती के साथ अपनी आखिरी मुलाकात और उनके निधन के बाद फिल्म उद्योग में पैदा हुए माहौल को याद करते हुए कई भावुक बातें साझा कीं। उनके इन खुलासों ने दिव्या भारती से जुड़ी पुरानी यादों को एक बार फिर जीवंत कर दिया है।
निधन से ठीक पहले चल रही थी महत्वपूर्ण फिल्मों की शूटिंग
अनीस बज़्मी के अनुसार, दिव्या भारती उस समय अभिनेता अनिल कपूर के साथ फिल्म ‘लाडला’ की शूटिंग कर रही थीं और फिल्म का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका था। उन्होंने बताया कि दिव्या ने अपने किरदार को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया था तथा केवल अंतिम चरण की शूटिंग शेष थी। इसी दौरान उनके आकस्मिक निधन की खबर सामने आई, जिसने पूरी फिल्म इकाई को गहरे सदमे में डाल दिया। फिल्म से जुड़े कलाकारों और तकनीकी दल के लिए यह तय करना अत्यंत कठिन हो गया कि अधूरी परियोजना को किस प्रकार पूरा किया जाए।
दो महीनों तक थम गया था फिल्मांकन का काम
फिल्मकार ने बताया कि दिव्या भारती के निधन के बाद लगभग दो महीने तक किसी ने काम नहीं किया। पूरी टीम मानसिक रूप से इस दुखद घटना से उबरने की कोशिश कर रही थी। उस समय फिल्म का लगभग 90 प्रतिशत भाग पूरा हो चुका था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी थीं कि आगे की शूटिंग तत्काल संभव नहीं थी। लंबे विचार-विमर्श के बाद निर्माताओं ने पूरी परियोजना को नए सिरे से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया, ताकि फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।
श्रीदेवी के आने से फिल्म को मिली नई दिशा
अनीस बज़्मी ने बताया कि बाद में निर्माताओं ने दिव्या भारती की जगह अभिनेत्री श्रीदेवी को फिल्म में लेने का निर्णय किया। इसके बाद फिल्म की शूटिंग दोबारा शुरू की गई और कई दृश्यों को नए सिरे से फिल्माया गया। उनके अनुसार, इस निर्णय ने फिल्म को एक नई पहचान दी। केवल ‘लाडला’ ही नहीं, बल्कि ‘अंगरक्षक’ जैसी दूसरी फिल्म भी दिव्या भारती के निधन के कारण प्रभावित हुई और उसके कई हिस्सों को भी दोबारा फिल्माना पड़ा।
आखिरी दृश्य की स्मृति आज भी करती है भावुक
साक्षात्कार के दौरान अनीस बज़्मी ने दिव्या भारती के साथ शूट किए गए अंतिम दृश्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘अंगरक्षक’ की शूटिंग के दौरान एक दृश्य में दिव्या भारती कैमरे से दूर जाती हैं और उसके बाद एक नकाबपोश पात्र उन्हें पकड़कर घसीटता हुआ ले जाता है। दृश्य में दिव्या सहायता के लिए पुकारती हैं। अनीस बज़्मी ने कहा कि इस दृश्य की शूटिंग के अगले ही दिन उनके निधन की खबर आई, जिसने पूरी टीम को स्तब्ध कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उस दृश्य की स्मृति आज भी उन्हें भावुक कर देती है। उल्लेखनीय है कि यह एक फिल्मी दृश्य था और इसका दिव्या भारती के वास्तविक जीवन या निधन से कोई तथ्यात्मक संबंध स्थापित नहीं है।
आज भी कायम है दिव्या भारती की लोकप्रियता और विरासत
दिव्या भारती का फिल्मी सफर भले ही बहुत छोटा रहा, लेकिन उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता, सहज अभिव्यक्ति और आकर्षक व्यक्तित्व के बल पर हिंदी सिनेमा में स्थायी पहचान बनाई। उनकी कई फिल्में आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं और नई पीढ़ी भी उनके अभिनय को पसंद करती है। उनके असामयिक निधन के कारण अनेक प्रश्न समय के साथ चर्चा का विषय बने रहे, किंतु उनकी कलात्मक विरासत और फिल्मों में निभाए गए यादगार किरदार आज भी उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल रखते हैं। अनीस बज़्मी द्वारा साझा की गई यादों ने एक बार फिर यह महसूस कराया कि दिव्या भारती का जाना केवल एक अभिनेत्री का निधन नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति थी।