कोलकाता - पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘वोट की चोरी’ के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। कोलकाता में दिए बयान में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। उन्होंने BJP को ‘झूठी पार्टी’ और ‘जुमला पार्टी’ बताते हुए लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
‘यह लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन’
ममता बनर्जी ने कहा कि देश में जो कुछ हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक इतिहास का ‘काला दिन’ बताया। ममता के मुताबिक, संवैधानिक पदों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी राजनीतिक दल के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा घटनाक्रम असंवैधानिक, गैर-कानूनी, अलोकतांत्रिक और पक्षपातपूर्ण है। हालांकि, उनके इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और मामले से जुड़े आधिकारिक तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
BJP पर लोकतंत्र और संविधान को लेकर आरोप
ममता बनर्जी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का उद्देश्य देश के लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ बोलने वाले पत्रकारों को गिरफ्तार किया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा था।
‘सत्ता हमेशा एक जैसी नहीं रहती’
ममता बनर्जी ने अपने बयान में सत्ता के स्थायी न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि जो लोग आज सत्ता में हैं, जरूरी नहीं कि वे हमेशा सत्ता में रहें। इसलिए उन्हें अपनी सीमाओं को समझना चाहिए। उन्होंने कथित तौर पर दिए गए बयान ‘नाम भी रखने नहीं दूंगा, निशान भी नहीं रहने दूंगा’ का जिक्र करते हुए इसे राजनीतिक अहंकार से जोड़कर सवाल उठाए।
संवैधानिक पदों के सम्मान की बात
ममता बनर्जी ने कहा कि वह संवैधानिक पदों का अनादर नहीं करतीं। हालांकि, उनका कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल के हित में नहीं होना चाहिए। उन्होंने केंद्र और BJP पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि विपक्षी दलों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई में निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन होना चाहिए।
‘वोट की चोरी’ का मुद्दा गरमाया
‘वोट की चोरी’ का मुद्दा हाल के दिनों में विपक्षी दलों की राजनीति का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है। ममता बनर्जी भी इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठाती रही हैं। उनके ताजा बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर बहस तेज हो सकती है। फिलहाल ममता बनर्जी के आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। इन दावों की पुष्टि के लिए चुनाव आयोग, संबंधित प्रशासन और अन्य आधिकारिक संस्थाओं की जानकारी को भी ध्यान में रखना होगा।