नई दिल्ली - देशभर में UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाए जाने की चर्चा के बीच इसके विरोध की आवाजें भी तेज हो गई हैं। दिल्ली-NCR समेत कई जगहों पर कारोबारियों और पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से ‘No UPI, Only Cash’ और ‘No UPI’ के पोस्टर लगाए जाने की खबर है। दिल्ली के कुछ पेट्रोल और CNG पंपों पर भी ग्राहकों से कैश या कार्ड से भुगतान करने की अपील की जा रही है।

पेट्रोल पंपों पर लगाए गए ‘No UPI’ के पोस्टर
दिल्ली के कई पेट्रोल और CNG पंपों पर UPI भुगतान को लेकर विरोध देखने को मिला है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन और ट्रेड यूनियनों से जुड़े संगठनों ने प्रस्तावित/लगाए जाने वाले चार्ज को लेकर आपत्ति जताई है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उनके कारोबार में पहले से ही मार्जिन सीमित है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत आने से कारोबार पर दबाव बढ़ सकता है। उनका तर्क है कि इस अतिरिक्त बोझ का असर अंततः ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।
कश्मीरी गेट मार्केट में भी विरोध
दिल्ली के कश्मीरी गेट मार्केट में कारोबारियों ने भी UPI चार्ज के विरोध में अपनी दुकानों पर ‘No UPI’ के पोस्टर लगाए। यह विरोध प्रदर्शन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के नेतृत्व में आयोजित किए जाने की बात कही गई है। व्यापारियों का कहना है कि छोटे और मध्यम कारोबार में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल काफी बढ़ चुका है। ऐसे में UPI ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त चार्ज लगाने से कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है।

‘धीरे-धीरे हर जगह लग जाएगा No UPI बोर्ड’
पेट्रोल पंप संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर UPI पर अतिरिक्त चार्ज का बोझ बढ़ता है तो कई कारोबारी डिजिटल भुगतान को सीमित करने पर मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप कारोबार में पहले से कम मार्जिन होने के कारण संचालकों के लिए अतिरिक्त भुगतान लागत वहन करना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से कुछ जगहों पर कैश या कार्ड से भुगतान लेने को प्राथमिकता देने की बात सामने आई है।
कारोबारियों ने बताया डिजिटल पेमेंट के लिए चिंता का विषय
दिल्ली के होलसेल मार्केट के कुछ कारोबारी भी UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज के विरोध में सामने आए हैं। दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर ‘No UPI’ के पोस्टर लगाए और इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया। CTI अध्यक्ष बृजेश गोयल ने इस तरह के शुल्क को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। कारोबारियों का कहना है कि UPI छोटे व्यापारियों और ग्राहकों के लिए भुगतान का आसान माध्यम बन चुका है।
ग्राहकों पर क्या हो सकता है असर?
कारोबारियों का कहना है कि अगर UPI भुगतान पर लागत बढ़ती है और दुकानदार इसे ग्राहकों से वसूलने लगते हैं, तो डिजिटल पेमेंट करना महंगा पड़ सकता है। दूसरी ओर, अगर कारोबारी इस लागत को खुद वहन नहीं करना चाहते तो कुछ प्रतिष्ठानों पर UPI स्वीकार करने की सुविधा सीमित हो सकती है। हालांकि, किसी भी नए चार्ज का वास्तविक असर उसके नियमों, दर और उसे लागू करने के तरीके पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस मुद्दे पर कारोबारी संगठनों की ओर से विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है।
‘डिजिटल इंडिया’ पर असर की आशंका
कारोबारी संगठनों का तर्क है कि UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया है। ऐसे में भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क से छोटे कारोबारियों और ग्राहकों के व्यवहार में बदलाव आ सकता है। फिलहाल दिल्ली समेत कई बाजारों और पेट्रोल पंपों पर लगे ‘No UPI’ पोस्टर इस मुद्दे पर कारोबारियों की नाराजगी को सामने ला रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और संबंधित संगठनों के बीच बातचीत से इस विवाद पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।