देहरादून - नेपाल में आई भीषण आपदा को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नेपाल के साथ भारत और खासतौर पर उत्तराखंड के गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध हैं। ऐसे मुश्किल समय में हर कोई नेपाल के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए उत्तराखंड से भी एक टीम भेजी गई है। यह टीम करीब 8 से 10 दिनों तक वहां रहकर हालात का जायजा लेगी और जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने का काम करेगी।
‘नेपाल के साथ हमारा गहरा रिश्ता’
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नेपाल में आई आपदा बेहद दुखद है। वहां की तस्वीरें और लोगों की पीड़ा देखकर हर कोई भावुक है। उन्होंने कहा कि इस संकट ने दोनों देशों के बीच एकजुटता और मजबूत की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तराखंड की सीमा नेपाल से लगती है। राज्य के कई लोगों के रिश्तेदार नेपाल में रहते हैं और दोनों क्षेत्रों के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक संबंध भी हैं। यही वजह है कि उत्तराखंड के लोग नेपाल की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
PM मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से तुरंत बातचीत की और हर संभव मदद का भरोसा दिया। भारत की ओर से राहत और बचाव दल भी भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नेपाल के हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उत्तराखंड से भेजी गई राहत टीम
सीएम धामी के अनुसार, उत्तराखंड से भेजी गई टीम नेपाल में लगभग 8 से 10 दिनों तक रहेगी। टीम अपने साथ राहत कार्यों के लिए पर्याप्त फंड भी लेकर गई है, ताकि जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। टीम वहां की वास्तविक स्थिति, प्रभावित इलाकों और लोगों की जरूरतों का आकलन करेगी। इसके आधार पर आगे राहत सामग्री और अन्य जरूरी मदद भेजने की योजना तैयार की जाएगी।
रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल में मौजूद टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद उत्तराखंड सरकार आगे की सहायता पर फैसला करेगी। जरूरत पड़ने पर हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में मानवीय संवेदनाओं के साथ नेपाल की सहायता करना सभी की जिम्मेदारी है। भारत और नेपाल के पारंपरिक संबंधों को देखते हुए उत्तराखंड की ओर से राहत प्रयासों को आगे भी जारी रखा जाएगा।