भोपाल/नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज नई दिल्ली में आयोजित सेमिकॉन इंडिया-2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन का भ्रमण करेंगे और सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और अकादमिक क्षेत्र के हितधारकों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री स्वीडिश और जापानी प्रतिनिधिमंडलों के साथ वन-टू-वन बैठक भी करेंगे। इन बैठकों में सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, तकनीकी सहयोग, निवेश के अवसरों और संभावित साझेदारियों पर चर्चा प्रस्तावित है।
स्वीडिश और जापानी प्रतिनिधिमंडलों से वन-टू-वन संवाद
सेमिकॉन इंडिया-2026 के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न विदेशी कंपनियों और संगठनों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत बैठक करेंगे। इनमें सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काम करने वाली कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
वन-टू-वन संवाद में इन मुद्दों पर विशेष फोकस रहेगा—
- मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं
- इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा देने के उपाय
- नई तकनीक और तकनीकी सहयोग
- संभावित औद्योगिक साझेदारियां
- अनुसंधान और नवाचार के अवसर
- सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में मध्यप्रदेश की भूमिका
इन संवादों में ऑक्साइड कॉरपोरेशन, स्केल फोटोनिक्स, इम्प्यूट इंक., एक्रिटेक, कैनन, मैकडर्मिड अल्फा, हनव्हा, कैजो और जेनेसेम इंक. सहित कंपनियों और संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी है।
मध्यप्रदेश का राज्य पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र
मध्यप्रदेश सेमिकॉन इंडिया-2026 में स्टेट पार्टनर के रूप में सहभागिता कर रहा है। राज्य पवेलियन में प्रदेश की औद्योगिक और संस्थागत क्षमताओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। पवेलियन के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी जा रही है। इसमें सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री राज्य पवेलियन का भ्रमण करने के साथ-साथ प्रदेश के उद्योग और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े हितधारकों से भी चर्चा करेंगे। इस दौरान निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम पर जोर
मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सेमीकॉन इंडिया-2026 में राज्य की औद्योगिक क्षमता और निवेश के अनुकूल वातावरण को प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य पवेलियन में सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे, संस्थागत क्षमताओं और संभावित निवेश अवसरों को दिखाया जा रहा है। इस सहभागिता का उद्देश्य वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम से मध्यप्रदेश का जुड़ाव मजबूत करना है। इसके साथ ही बिजनेस-टू-गवर्नमेंट और बिजनेस-टू-बिजनेस संवाद को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।
निवेश के साथ रोजगार और रिसर्च के अवसर
सेमीकंडक्टर उद्योग को आधुनिक तकनीक, विनिर्माण और अनुसंधान के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में मध्यप्रदेश की सहभागिता के जरिए निवेश के साथ-साथ तकनीकी साझेदारी, मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और कुशल रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा आगे बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार का फोकस सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने पर है। इनमें उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करना शामिल है।
वैश्विक निवेशकों के सामने प्रदेश की तैयारी
सेमिकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश अपनी तैयारियों और क्षमताओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रख रहा है। राज्य की ओर से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ नई पीढ़ी की तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में संवाद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इन बैठकों के जरिए मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और संभावित साझेदारियों को लेकर आगे की बातचीत का आधार तैयार किया जाएगा।