नई दिल्ली। अचानक मीठा, नमकीन, चॉकलेट, बर्फ या जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होना केवल स्वाद की बात नहीं होती। कई बार यह शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों, हार्मोनल बदलाव, तनाव, नींद की कमी या अन्य स्वास्थ्य कारणों का संकेत भी हो सकता है। हालांकि हर क्रेविंग का मतलब किसी पोषक तत्व की कमी नहीं होता, लेकिन यदि यह लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मीठा खाने की क्रेविंग क्यों होती है?
बार-बार मीठा खाने का मन होना कई कारणों से जुड़ा हो सकता है। पर्याप्त भोजन न करना, शरीर में ऊर्जा की कमी, नींद पूरी न होना या लगातार तनाव इसकी प्रमुख वजहें हैं। कुछ शोधों में मैग्नीशियम की कमी को भी मीठा और चॉकलेट खाने की इच्छा से जोड़ा गया है, हालांकि यह हर व्यक्ति पर लागू नहीं होता।
नमकीन खाने का मन बार-बार क्यों करता है?
अगर आपको बार-बार चिप्स, नमकीन या ज्यादा नमक वाली चीजें खाने का मन करता है, तो यह डिहाइड्रेशन, अत्यधिक पसीना आने या इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का संकेत हो सकता है। कई बार यह केवल स्वाद की आदत की वजह से भी होता है।
चॉकलेट की क्रेविंग का क्या मतलब है?
चॉकलेट खाने की इच्छा अक्सर तनाव, मूड स्विंग और थकान से जुड़ी होती है। कुछ अध्ययनों में इसे मैग्नीशियम की कमी से भी जोड़ा गया है, लेकिन इस पर अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।
बार-बार बर्फ चबाने का मन करता है?
अगर किसी व्यक्ति को लगातार बर्फ चबाने की इच्छा होती है, तो यह आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर खून की जांच कराना जरूरी है।
जंक फूड की क्रेविंग क्यों बढ़ती है?
तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाने की इच्छा अक्सर तनाव, नींद की कमी और बार-बार ऐसे खाद्य पदार्थ खाने की आदत से बढ़ जाती है। यह जरूरी नहीं कि इसके पीछे किसी पोषक तत्व की कमी ही हो।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
यदि किसी खास चीज की क्रेविंग लगातार बनी रहती है, सामान्य खानपान के बावजूद कम नहीं होती या इसके साथ थकान, कमजोरी, चक्कर या अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए।