सिवनी: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में तेज हवा और तूफान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लखनवाड़ा और बंडोल क्षेत्र के कई दर्जन गांवों में खेतों में खड़ी मक्के की फसल तेज हवाओं के चलते जमीन पर गिर गई। फसल के बड़े हिस्से के प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। किसानों के मुताबिक, उन्होंने लंबे समय तक मेहनत और लागत लगाकर मक्के की फसल तैयार की थी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
तेज हवा से खेतों में गिर गई मक्के की फसल
लखनवाड़ा और बंडोल क्षेत्र के कई गांवों में तेज हवाओं का असर खेतों में साफ दिखाई दिया। खेतों में खड़ी मक्के की फसल हवा के दबाव के कारण जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल के गिरने से उसके उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। मक्के की फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसानों को इस सीजन में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों की बढ़ी चिंता
प्रभावित किसानों के अनुसार, मक्के की फसल तैयार करने में बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़े दूसरे खर्चों पर काफी राशि खर्च हुई है। अब फसल के गिरने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि मौसम की मार के कारण उनकी मेहनत और लागत पर असर पड़ सकता है। कई गांवों में खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन से सर्वे और मुआवजे की मांग
फसल नुकसान से प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से जल्द सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि खेतों में हुए नुकसान का सही आकलन किया जाए, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता और उचित मुआवजा मिल सके। किसानों की मांग है कि प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फसल नुकसान का जायजा ले और जल्द रिपोर्ट तैयार करे।
उत्पादन पर पड़ सकता है असर
मक्के की फसल के जमीन पर गिरने से किसानों को आशंका है कि दाने की गुणवत्ता और कुल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। नुकसान की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक सर्वे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रभावित किसान मौसम और फसल के नुकसान को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।