ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में रतनजोत का फल खाने के बाद 12 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। साझा घटना विवरण के अनुसार, बच्चों को घर पहुंचने के कुछ समय बाद उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया गया।
ड्राई फ्रूट समझकर खाए थे फल
परिजनों का कहना है कि बच्चों ने रतनजोत के फलों को ड्राई फ्रूट समझकर खा लिया था। इसके बाद उनकी तबीयत खराब होने लगी। एक साथ कई बच्चों में उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत सामने आने पर परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए। प्रारंभिक विवरण में बच्चों के बीमार पड़ने का संबंध रतनजोत के फल खाने से बताया गया है। हालांकि, बीमारी के सटीक कारण और चिकित्सकीय निदान की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उपचार
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, अस्पताल में 12 से अधिक बच्चों को भर्ती किया गया। बच्चों के साथ बड़ी संख्या में परिजन भी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया है। बच्चों की वर्तमान स्थिति, उनकी उम्र और अस्पताल से छुट्टी दिए जाने के संबंध में पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सभी बच्चों की हालत गंभीर होने या सभी के खतरे से बाहर होने का दावा नहीं किया जा सकता।
स्ट्रेचर नहीं मिलने का आरोप
बच्चों को अस्पताल पहुंचाने के बाद परिजनों ने वहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बीमार बच्चों को तत्काल स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके चलते कुछ बच्चों को जमीन पर लिटाना पड़ा और उन्हें उपचार के लिए ले जाने में परेशानी हुई। परिजनों ने इलाज और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप भी लगाए हैं। ये परिजनों के आरोप हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि और अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
अज्ञात फल या बीज खाने पर घरेलू उपचार में न गंवाएं समय
किसी बच्चे के अज्ञात या संभावित विषैले फल-बीज खाने की आशंका हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। उसे जबरन उल्टी न कराएं और चिकित्सकीय सलाह के बिना कुछ खिलाने-पिलाने या घरेलू नुस्खे आजमाने से बचें। बेहोशी, सांस लेने में परेशानी या दौरे जैसी स्थिति में तत्काल आपातकालीन सहायता जरूरी है। विषाक्तता संबंधी मार्गदर्शन के लिए एम्स, नई दिल्ली के राष्ट्रीय विष सूचना केंद्र की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-116-117 पर भी संपर्क किया जा सकता है। केंद्र के अनुसार, यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध है।