यूक्रेन के साथ 40 महीने से युद्ध में उलझे रूस को तगड़ा झटका लगा है। यूक्रेन ने क्रीमिया में ड्रोन हमला करते हुए रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में कामयाबी हासिल की है। यह सिस्टम रूस को हवाई हमलों से बचाने के लिए सबसे अहम हथियार है। भारत समेत कई दूसरे देशों को भी रूस ने ये सिस्टम बेचा है। ऐसे में यूक्रेन के S-400 को भेदने से रूस की अपनी सुरक्षा खतरे में पड़ने के साथ-साथ उसके हथियार निर्यात पर भी असर पड़ सकता है। भारत के लिए भी S-400 की क्षमताओं पर उठते सवाल चिंता बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी जीयूआर ने बताया है कि उन्होंने गुरुवार को रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के महत्वपूर्ण घटक 91N6E बिग बर्ड रडार पर ड्रोन हमला किया है। जीयूआर की घोस्ट्स यूनिट ने ये हमला किया, जिसमें मल्टीफंक्शन रडार और मिसाइल लांचर सहित S-400 के घटकों को नुकसान पहुंचा। यह हमला क्रीमिया में हुआ, जो 2014 में रूस के कब्जे के बाद से उसके लिए अहम रहा है।
S-400 की रीढ़ पर किया हमला
क्रीमिया में S-400 को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल किया। कम लागत वाले ये ड्रोन रूस के खिलाफ यूक्रेनी सेना का खास हथियार बने हुए हैं। हमले में यूक्रेन की जीयूआर ने दो 91N6E बिग बर्ड रडार को नष्ट कर दिया। यह वार्निंग सिस्टम के तौर पर रूस के S-400 एयर डिफेंस नेटवर्क के साथ जुड़ते हैं। 91N6E बिग बर्ड रडार को रूस के S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम की रीढ़ कहा जाता है। इसे बैलिस्टिक मिसाइलों से लेकर स्टील्थ विमानों जैसे हवाई खतरों की जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है। एस-बैंड फ्रीक्वेंसी में काम करने वाला यह रडार 600 किलोमीटर तक की दूरी तक लक्ष्यों का पता लगाने और ट्रैक करने का काम करता है।