पश्चिम एशिया में तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडरों के मारे जाने की खबर सामने आई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन बेहद सटीक और पहले से तय रणनीति के तहत अंजाम दिया गया। हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सुरक्षा को लेकर खड़ा हो गया है। उनके तेहरान स्थित मुख्यालय के आसपास धमाकों की खबरें आई हैं और कुछ वीडियो भी सामने आने का दावा किया जा रहा है।
कहां हैं खामेनेई?
सूत्रों के अनुसार, हमले के समय खामेनेई अपने मुख्यालय में मौजूद थे या नहीं, इस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि एक ईरानी अधिकारी के हवाले से रॉयटर्स ने दावा किया है कि सुप्रीम लीडर को एहतियातन एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।तेहरान में उनके हेडक्वार्टर के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। फिलहाल ईरानी प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
महीनों से बन रही थी रणनीति
अंदरखाने की खबर है कि अमेरिका और इजरायल का यह जॉइंट ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि दिन के उजाले में हमला करना रणनीतिक कदम था, ताकि ईरानी रक्षा तंत्र को चौंकाया जा सके। आमतौर पर ऐसे हवाई हमले रात के समय किए जाते हैं, लेकिन इस बार दिन में स्ट्राइक कर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि ऑपरेशन पूरी तरह नियंत्रण और आत्मविश्वास के साथ अंजाम दिया गया।
कई टॉप कमांडरों के मारे जाने का दावा
टीवी रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि हमले में ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और कमांडर मारे गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल स्टोरेज और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
जवाबी कार्रवाई की आशंका
हमले के बाद पश्चिम एशिया में बड़े सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई हो सकती है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं।फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें तेहरान, वॉशिंगटन और तेल अवीव पर टिकी हैं। आने वाले 24 से 48 घंटे इस क्षेत्र की स्थिरता के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
Comments (0)